Haryana Border Sealed: दिल्ली घेरने की तैयारी! हरियाणा के 12 जिलों में पुलिस का सख्त पहरा, कई किसान नेता नजरबंद; सिंघु बॉर्डर पर थमे पहिए
राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का उग्र ‘संसद मार्च’ और भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड डील के खिलाफ किसानों के देशव्यापी आंदोलन के ऐलान ने प्रशासन के पसीने छुड़ा दिए हैं। प्रदर्शनकारियों और किसानों को दिल्ली की तरफ कूच करने से रोकने के लिए हरियाणा सरकार ने अपने तमाम बॉर्डरों पर परिंदे को भी पर न मारने देने जैसी किलेबंदी कर दी है।
पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से जुड़ने वाली हरियाणा की सीमाओं को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। 12 से अधिक जिलों में पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स को मुस्तैद कर दिया गया है, जबकि दर्जनों किसान नेताओं और CJP के प्रमुख कार्यकर्ताओं को तड़के ही उनके घरों में नजरबंद (हाउस अरेस्ट) या हिरासत में ले लिया गया है।
शंभू बॉर्डर पर धारा-163 लागू, सिंघु पर 3 KM का लंबा जाम
प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर अंबाला स्थित शंभू बॉर्डर पर धारा-163 लागू कर दी है, जिसके तहत 27 जुलाई 2026 तक 5 या उससे अधिक लोगों के एक जगह जमा होने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी।
3 किलोमीटर का महाजाम: सोनीपत के कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर पुलिस की कड़ी चेकिंग और वज्र वाहनों की तैनाती की वजह से करीब 3 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है। आम मुसाफिरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
13 महीने बाद खुला शंभू बॉर्डर फिर बंद: 13 फरवरी 2024 से बंद पड़े जीटी रोड के ऐतिहासिक शंभू बॉर्डर को मार्च 2025 में खोला गया था, लेकिन दिल्ली में बढ़ते राजनीतिक पारे के चलते इसे एक बार फिर कंक्रीट के बैरिकेड्स लगाकर बंद कर दिया गया है।
कुरुक्षेत्र में बसें रोकी गईं, स्कूल प्रिंसिपल पर गिरी गाज़
किसानों की गिरफ्तारियां: कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर नाके पर प्राइवेट बसों में सवार होकर दिल्ली जा रहे करीब 30 किसानों को पुलिस ने रास्ते में ही रोककर हिरासत में ले लिया। इनमें भारतीय किसान यूनियन के कई प्रमुख चेहरे शामिल हैं।
छात्राओं के प्रदर्शन पर कार्रवाई: महेंद्रगढ़ के नारनौल स्थित एक सरकारी स्कूल में सोनम वांगचुक के समर्थन में छात्राओं द्वारा की गई नारेबाजी का वीडियो वायरल होने के बाद, जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए स्कूल के प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया है।
सरकार की घबराहट या सुरक्षा की व्यवस्था?
रोहतक, कुरुक्षेत्र, अंबाला, सोनीपत, झज्जर और करनाल जैसे जिलों में हर रास्ते पर पुलिस का कड़ा पहरा है। एक तरफ जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक और NEET धांधली को लेकर CJP का आंदोलन चरम पर है, वहीं दूसरी तरफ किसानों का फ्री ट्रेड डील के खिलाफ मोर्चा इन दोनों के मेल ने केंद्र और राज्य सरकार की नींद उड़ा दी है।
सड़कों पर सील किए गए बॉर्डर और भारी बैरिकेडिंग इस बात का गवाह हैं कि दिल्ली की दहलीज पर उठने वाली आवाज़ को दबाने के लिए सरकारी मशीनरी पूरी तरह सक्रिय हो चुकी है।
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