नई दिल्ली। लोकसभा में बृहस्पतिवार को शून्यकाल के दौरान बड़ी संख्या में अनेक दलों की महिला सदस्यों ने अपने क्षेत्रों से संबंधित लोक महत्व के विषय उठाए। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा ‘‘आज महिला सदस्यों के बोलने का अवसर है’’।
शून्यकाल के दौरान जब एक सदस्य ने अधिक संख्या में महिला सदस्यों को बोलने का अवसर दिये जाने की ओर इशारा किया तो अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, ‘‘33 प्रतिशत आरक्षण का सवाल है। इसलिए आज महिला सदस्यों के बोलने का अवसर है।’’
सदन में आज शून्यकाल के दौरान भाजपा की क्वीन ओझा, रीता बहुगुणा जोशी, रीति पाठक, रक्षा खड़से, हिना गावित, रंजना बेन भट्ट, गीताबेन राठवा, शारदा बेन पटेल, जसकौर मीणा, संध्या राय, रमा देवी, रंजीता कोली और लॉकेट चटर्जी, कांग्रेस की ज्योत्सना महंत, राम्या हरिदास और एस. ज्योतिमणि ने अपने विषय रखे।
इस दौरान बीजद की चंद्राणी मुरमू और शर्मिष्ठा सेठी, लोक जनशक्ति पार्टी की वीना देवी, तृणमूल कांग्रेस की प्रतिमा मंडल, द्रमुक की कनिमोझी, निर्दलीय नवनीत रवि राणा तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सुप्रिया सुले आदि महिला सांसदों ने भी लोक महत्व के विषय उठाए।
शून्यकाल में ही ओडिशा से बीजू जनता दल (बीजद) की सदस्य प्रमिला बिसोयी ने जब अपनी बात रखी तो अध्यक्ष बिरला ने कहा कि ‘‘यह भारत का लोकतंत्र है जहां प्रमिला जी जैसी सदस्य हैं’’।
ओडिशा के आस्का से पहली बार चुनी गईं लोकसभा सदस्य बिसोयी ने महामारी के दौरान महिलाओं को हुए रोजगार के नुकसान संबंधी विषय को उठाया।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘एक बार मैंने व्यक्तिगत रूप से प्रमिला जी से आग्रह किया था कि आप सदन में बोलें। उन्होंने कहा कि वह केवल उड़िया भाषा जानती हैं तो मैंने कर्मचारियों को बुलाकर यह नोट कराया। आज प्रमिला जी का रोजाना सदन में अपनी बात रखने का आग्रह रहता है।’’
बिरला ने कहा कि बीजद सांसद कई महिलाओं को रोजगार देती हैं। इस दौरान बीजद के भर्तृहरि महताब ने बताया कि प्रमिला बिसोयी ओडिशा के गंजाम जिले में सर्वाधिक स्वयं-सहायता समूह चलाती हैं। लोकसभा अध्यक्ष ने उनकी शिक्षा के बारे में पूछा तो महताब ने बताया कि वह ज्यादा पढ़ी-लिखी नहीं हैं।
संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा अध्यक्ष की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘‘हम आपकी पहचान की भी दाद देते हैं कि उनकी (बीजद सांसद प्रमिला की) क्षमताओं को आपने पहचाना।’’
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