AI इंपैक्ट समिट 2026: लॉन्ग क्यूज, खराब प्लानिंग और चोरी के आरोपों से हड़कंप, खराब व्यवस्था को लेकर सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री Ashwini Vaishnaw ने मांगी माफी!
भीड़ और लॉजिस्टिक चुनौती
नई दिल्ली में 16 फरवरी से 20 फरवरी तक चल रहे India AI Impact Summit 2026 के पहले दिन भारी लॉजिस्टिक और भीड़ प्रबंधन की समस्याओं ने आयोजकों की चिंता बढ़ा दी।
सोशल मीडिया पर कई प्रतिभागियों ने poor crowd management, लंबी कतारें और सुरक्षा जांच के दौरान उत्पन्न असुविधाओं की शिकायत की।
Bharat Mandapam में VVIP और आम प्रतिभागियों की एकसाथ उपस्थिति ने व्यवस्थाओं पर दबाव डाला। लोगों को कई घंटों तक बिना भोजन और पानी के प्रतीक्षा करनी पड़ी।
सुरक्षा और VVIP मूवमेंट में असंगति
प्रतिभागियों ने बताया कि सुरक्षा और VVIP मूवमेंट के कारण कई स्टार्टअप फाउंडर्स और एग्जिबिटर्स मुख्य हॉल में प्रवेश नहीं कर पाए। प्रधानमंत्री Narendra Modi की उपस्थिति से पहले हॉल को खाली कराना पड़ा, जिससे कई लोग बाहर फंस गए।
X पर AI startup Bolna और अन्य स्टार्टअप्स ने अपने अनुभव साझा किए, जिसमें बताया गया कि बिना सूचना के सुरक्षा व्यवस्था के कारण उनका प्रवेश बाधित हुआ।
असुविधा और चोरी के आरोप
कई प्रतिभागियों ने आयोजकों की तैयारी और सुविधाओं में कमी की आलोचना की। Wi-Fi की अनुपस्थिति और डिजिटल भुगतान की असुविधा के कारण कई लोग भोजन और पानी तक नहीं प्राप्त कर पाए।
इसके अलावा, NeoSapiens के संस्थापक Dhananjay Yadav ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की उपस्थिति के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी के चलते उनके AI wearable devices चोरी हो गए।
उन्होंने X पर लिखा कि सुरक्षा कर्मियों की आपस में असंगति और हॉल को खाली कराने के कारण उन्हें अपनी प्रोडक्ट्स सुरक्षित छोड़ने पर भरोसा करना पड़ा, जो बाद में चोरी हो गए।
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री Ashwini Vaishnaw ने मांगी माफी
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री Ashwini Vaishnaw ने प्रतिभागियों से क्षमा मांगी और कहा कि आयोजन टीम दिन-रात काम कर रही है ताकि शेष चार दिनों में समिट सुचारू रूप से आयोजित हो सके।
यह भी पढ़िए- भारत का ‘AI Impact Summit 2026’: लोकतंत्रीकरण का दावा या तकनीकी शक्ति का प्रदर्शन?
उन्होंने कहा कि एक “war room” स्थापित किया गया है और प्रतिभागियों से सुझाव और शिकायतें भेजने का आग्रह किया। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि आगे से बेहतर प्रबंधन और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
AI इकोसिस्टम और भविष्य की चुनौतियां
पहले दिन की असुविधा ने यह सवाल उठाया कि भारत में AI Summit 2026, स्टार्टअप्स और AI ecosystem के लिए कितना इन्क्लूसिव और सुरक्षित है।
प्रतिभागियों का कहना है कि विश्व स्तर पर आयोजित इस समिट में अधिक पारदर्शिता, स्पष्ट गाइडलाइन और बेहतर digital infrastructure होना चाहिए।
आगामी चार दिनों में वैश्विक तकनीकी विशेषज्ञ और उद्यमियों के आने के साथ यह सुनिश्चित करना होगा कि भारत का AI इकोसिस्टम सुरक्षित, सम्मानजनक और विश्वसनीय मंच पर प्रस्तुत किया।
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