79th Independence Day: 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार सुबह लाल किले की प्राचीर से लगातार 12वीं बार तिरंगा फहराया।
हर साल की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री का पहनावा खास चर्चा में रहा, सबसे ज्यादा फोकस उनकी पगड़ी पर रहा।
पीएम मोदी ने इस साल चौथी बार केसरिया रंग का साफा पहना, इससे पहले वे 2018, 2020 और 2021 में भी इसी रंग में नजर आ चुके हैं।
पहली बार प्रधानमंत्री ने ने 100 मिनट से ज्यादा की स्पीच दी और संबोधन की शुरुआत ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से की।
इस विषय पर उन्होंने करीब 13 मिनट तक विस्तार से बात की।
पीएम ने बताया कि कैसे भारतीय सेना ने दुश्मन की धरती पर सैकड़ों किलोमीटर अंदर जाकर आतंकियों को नेस्तनाबूद किया।
पीएम मोदी ने पहली बार 12 सालों में लाल किले से आरएसएस का जिक्र किया।
साथ ही आतंकवाद, सिंधु समझौता, आत्मनिर्भरता, मेड इन इंडिया, नक्सलवाद और अवैध घुसपैठियों पर अपनी बात रखी।
ऑपरेशन सिंदूर- पाकिस्तान की नींद उड़ाने वाला अभियान
पीएम मोदी ने कहा कि सेना ने वो करके दिखाया, जो दशकों तक भुलाया नहीं जा सकता। पाकिस्तान की नींद आज भी उड़ी है।
अगर हम आत्मनिर्भर न होते, तो क्या इतनी तेजी से ऑपरेशन सिंदूर कर पाते?
दुश्मन को पता भी नहीं चला कि कौन सा हथियार उन्हें खत्म कर रहा।
उन्होंने याद दिलाया कि 22 अप्रैल को पहलगाम में सीमा पार से आए आतंकियों ने धर्म पूछकर लोगों का कत्लेआम किया था।
पूरा देश आक्रोश से भरा हुआ था और ऑपरेशन सिंदूर उसी आक्रोश की अभिव्यक्ति है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस अभियान में सेना को पूरी तरह खुली छूट दी गई थी, और भारतीय सैनिकों ने अपनी वीरता से इतिहास रच दिया।
12 साल में पहली बार RSS का जिक्र
पीएम मोदी ने अपने भाषण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 वर्ष पूरे होने पर भी बात की।
उन्होंने कहा कि सेवा, समर्पण, संगठन और अनुशासन इसकी पहचान है।
व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के संकल्प को लेकर 100 साल से मां भारती के कल्याण के लिए जीवन समर्पित करने वाला RSS दुनिया का सबसे बड़ा NGO है।
यह पहला मौका था जब मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में संघ का नाम लिया।
अमेरिका को संदेश, किसानों से समझौता नहीं
प्रधानमंत्री ने किसानों, पशुपालकों और मछुआरों को भारत की सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया।
उन्होंने कहा कि भारत इनके मामले में कोई समझौता स्वीकार नहीं करेगा।
इनसे जुड़ी किसी भी अहितकारी नीति के आगे मोदी दीवार बनकर खड़ा रहेगा।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर चर्चा चल रही है।
अमेरिका चाहता है कि भारत कृषि और डेयरी सेक्टर में टैरिफ कम करे, साथ ही मक्का, सोयाबीन, सेब, बादाम और अमेरिकी डेयरी उत्पादों की भारतीय बाजार में ज्यादा बिक्री की अनुमति दे।
प्रधानमंत्री का रिकॉर्ड तोड़ भाषण – 104 मिनट
79वें स्वतंत्रता दिवस पर PM मोदी ने 104 मिनट का संबोधन दिया, जो लाल किले से किसी भी प्रधानमंत्री का अब तक का सबसे लंबा भाषण है।
उन्होंने अपने ही पिछले साल के 98 मिनट के रिकॉर्ड को तोड़ा।
पिछले भाषणों की तुलना:
- 2016: 96 मिनट
- 2017: 56 मिनट (सबसे छोटा)
- 2019, 2020, 2023, 2024: 90 मिनट से ज्यादा
- 2014 (पहला भाषण): 65 मिनट
मोदी की 6 बड़ी घोषणाएं और संदेश
1. सेना को खुली छूट, पाकिस्तान में तबाही
ऑपरेशन सिंदूर के बारे में बताते हुए पीएम ने कहा, पाकिस्तान में हुई तबाही इतनी बड़ी है कि रोज नए खुलासे हो रहे हैं।
हमने न्यू नॉर्मल स्थापित किया है—आतंक और आतंकियों को पालने वालों को अब अलग नहीं मानेंगे। वे मानवता के समान दुश्मन हैं।
2. खून और पानी साथ नहीं बहेगा
सिंधु जल समझौते को एकतरफा बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, भारत का पानी दुश्मन की धरती को सींच रहा है जबकि हमारी धरती प्यासी है।
अब भारत ने तय कर लिया है कि खून और पानी एक साथ नहीं बहेगा। परमाणु धमकियों और ब्लैकमेल को अब नहीं सहेंगे।
3. दूसरों की लकीर छोटी नहीं, अपनी लंबी करें
प्रधानमंत्री ने कहा, किसी की लकीर को छोटा करने में अपनी ऊर्जा न खपाएं, बल्कि अपनी लकीर लंबी करें।
बीता दशक रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म का रहा है, अब और नई ताकत से जुटना होगा।
4. दाम कम, दम ज्यादा
गुणवत्ता को सर्वोत्तम बनाने पर जोर देते हुए मोदी ने कहा कि सरकार कच्चे माल की उपलब्धता और उत्पादन लागत कम करने के लिए काम कर रही है।
भारत में बने उत्पाद हमारी मिट्टी की खुशबू से युक्त हों, आत्मनिर्भरता के संकल्प को मजबूत करें। यही हमारा सामूहिक संकल्प होना चाहिए।
5. मोटापा – बढ़ती चुनौती
देश में मोटापे को बड़ी स्वास्थ्य समस्या बताते हुए पीएम ने हर घर में खाना पकाने के तेल का इस्तेमाल 10% कम करने की अपील की।
विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले वर्षों में हर तीन में से एक व्यक्ति मोटापे से प्रभावित होगा। हमें खुद को और आने वाली पीढ़ियों को इससे बचाना होगा।
6. मेड इन इंडिया जेट इंजन और स्पेस स्टेशन
स्पेस मिशन और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ते हुए मोदी ने कहा कि भारत का अपना स्पेस स्टेशन होगा और हमें अपना मेड इन इंडिया जेट इंजन बनाना है।
2047 में विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए हर युवा को इस दिशा में काम करना होगा।”
भविष्य की दिशा आत्मनिर्भर भारत का रोडमैप
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज हर सेक्टर में आधुनिक इकोसिस्टम तैयार कर रहा है।
चाहे रक्षा क्षेत्र हो, अंतरिक्ष विज्ञान हो, कृषि हो या औद्योगिक उत्पादन—हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता अब भारत की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि पिछले दशक में सुधार, प्रदर्शन और बदलाव की यात्रा के बाद अब समय है नई ऊर्जा से जुटने का।
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