कोरोना के चलते बिना विपक्ष के शिवराज सिंह सरकार ने जीता फ्लोर टेस्ट
भोपाल। मध्यप्रदेश में 17 दिन तक सियासी ड्रामा चला। फ्लोर टेस्ट कराने और नहीं कराने को लेकर दोनों दल आमने-सामने रहे। विधानसभा अध्यक्ष से लेकर राज्य्पाल तक पर आरोप लगे। आखिर में मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया। जिस टेस्ट को लेकर इतना हल्ला था वो शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को बिना किसी विपक्ष का सामना किये पास कर लिया। क्योंकि कोरोना के चलते एक भी कांग्रेसी विधायक सदन नहीं पहुंचा।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को विश्वास मत हासिल कर लिया। सुबह 11 बजे विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई। चूंकि कोरोना की वजह से कांग्रेस का एक भी विधायक सदन में नहीं पहुंचा, इसलिए शिवराज ने सर्वसम्मति से विश्वास मत जीत लिया।
सभी विधायकों ने ‘हां’ कहकर विश्वास मत प्रस्ताव पारित कर दिया। इससे पहले स्पीकर एनपी प्रजापति ने इस्तीफा दे दिया था। इस वजह से विधायक जगदीश देवड़ा ने कार्यवाही पूरी कराई। इसके बाद विधानसभा का सत्र 27 मार्च सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दिया गया।
मध्य प्रदेश विधानसभा में विधायकों की संख्या 206 है। बसपा के 2, सपा का 1 और 2 निर्दलीय विधायक हाजिर थे। अगर कांग्रेस के 92 और 2 निर्दलीय भी हाजिर रहते तो वोटिंग होती और बहुमत साबित करने के लिए भाजपा को 104 वोटाें की जरूरत पड़ती। अभी भाजपा के पास 107 विधायक हैं।
You may also like
-
मानवता की सारी हदें पार… घर की महिलाओं के ही बनाए न्यूड वीडियो….
-
वक्त बदला….. हालात बदले…अब नरोत्तम मिश्रा का क्या होगा?
-
बाल संप्रेक्षण गृह में विधि विरोधी बालक के साथ आधा दर्जन बालकों ने किया यौन उत्पीड़न
-
दतिया उपचुनाव: टिकट कटने पर नरोत्तम मिश्रा की पहली प्रतिक्रिया, समर्थकों को दी नसीहत
-
फाइलें हवा में उछालीं….जज को कहा ‘माई ज्यूडिशियल सर्वेंट’ जानें कोर्ट की अवमानना पर क्या कहता है कानून
