इंदौर में फिर बढ़ी चिंता, 166 पॉजिटिव, कुल 1372


इंदौर में संक्रमण कम होने के दावों के बीच सोमवार को फिर आंकड़े बढे,कुल सैंपल का ये करीब 20 फीसदी है, जो राष्ट्रीय औसत का लगभग तीन गुना है

इंदौर। पिछले कई दिनों से कम आंकड़ों के बाद सोमवार को फिर पॉजिटिव की संख्या तीन अंकों में पहुंच गई। सोमवार को कुल 820 सैंपल की रिपोर्ट में से 166 पॉजिटिव आई। इस तरह इंदौर में कुल संक्रमितों की संख्या 1372 हो गई। कुल सैंपल में से आज आये 166 के नंबर को देखें तो ये सैंपल का लगभग बीस फीसदी है। बावजूद इसके प्रशासन दावा कर रहे है कि संक्रमण की रफ़्तार धीमी पड़ गई है। पिछले बार बड़ी संख्या को 1500 के बैकलॉग का कारण बताने वाले अफसरों ने इस बार फिर इसे बैकलॉग बताकर कमजोर करने के कोशिश की। हालांकि क्रिटिकल जोन के अलावा कई नए क्षेत्रों में भी संक्रमण फ़ैल रहा है।

इंदौर देश के रेड जोन में से एक है। यहां लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है। यदि प्रशासन की मानें तो भी बैकलॉग से निकले संक्रमित है तो इंदौर के ही। रिपोर्ट में देरी और बैकलॉग के चलते संक्रमण कई नए लोगों मे भी फ़ैल रहा है। लगातार बढ़ती संख्या के बावजूद इंदौर में मेडिकल किट और टेस्टिंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं बन पा रही है। प्रशासन के दावों पर अब जनता को भी बहुत भरोसा नहीं दिख रहा। इस सबमे सुखद सिर्फ ये है कि लोग ठीक भी हो रहे हैं। पर उतनी ही संख्या में नए मरीज भी आ रहे हैं।

कलेक्टर ने भी किया लम्बी लड़ाई का इशारा
बोले-लॉकडाउन खुलने में लगेगा एक महीना

कलेक्टर मनीष सिंह कोरोना वायरस संक्रमण को समाप्त करने की लड़ाई को सकारात्मक दिशा में जाना बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहर में संक्रमण समाप्त करने के लिए युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है। इसके लिए एमजीएम टेस्टिंग लैब में 1000 सैंपल प्रतिदिन टेस्ट करने की क्षमता बढ़ाई जा रही है, जो सैंपल किट की कमी थी वह भी रविवार को पूरी हो गई। पॉजिटिव मरीज बैकलॉग वाले सैम्पलों में से अधिक निकल रहे हैं, लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि वर्तमान जो सैंपलिंग की जा रही है। उनमें पॉजिटिव सेम्पलिंग रेट कम हो गया है। इसलिए यह कहा जा सकता है कि शहर में संक्रमण की रफ्तार पर ब्रेक लगा है। लेकिन स्थिति सामान्य होने में डेढ़ से दो माह का समय लग सकता है।


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