शिवराज स्कूल फीस माफ़ करे या खुद खजाने से चुकाए


 

पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू ने अपनी ही पार्टी के शिवराज सिंह चौहान को दी खुली चुनौती, क्या गुड्डू वापस कांग्रेस में जाने का रास्ता बना रहे हैं

इंदौर । पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू ने अपनी ही पार्टी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को घेर लिया है। इस वक्त प्रदेश के मध्यमवर्ग के सबसे बड़े मुद्दे पर गुड्डू खुलकर बोले। कुछ दिन पूर्व ही कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए प्रेमचंद गुड्डू ने मांग की है कि वर्तमान हालात को देखते हुए सभी बच्चों की स्कूल की फीस माफ की जाए । यदि स्कूल प्रबंधन फीस माफ करने के लिए तैयार ना हो तो सरकार अपने खजाने से इस फीस को चुकाए और जनता को राहत दे।

प्रेमचंद गुड्डू वो नेता है जिसने बिना कारण कोई कदम नहीं उठाया, शिवराज को चुनौती देने वाले इस पत्र के जरिये क्या गुड्डू वापस कांग्रेस में जाने की राह तैयार कर रहे हैं। फीस माफ़ी का मुद्दा वो मुद्दा है जिस पर विपक्ष में रहकर भी कोई कांग्रेसी खुलकर नहीं बोल पाया। शायद, इसके पीछे शिक्षा माफिया का दबाव है, जो कांग्रेसी नेताओं को रोक रहा है। ऐसे में गुड्डू ने ये बड़ा मुद्दा लपक लिया है।

गुड्डू ने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस मामले में एक पत्र लिखा है इस पत्र में उन्होंने लिखा है कि आपको विदित ही है कि मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण का ज्यादा प्रभाव चल रहा है । इसके चलते हुए पहले सरकार के द्वारा लॉक डाउन लागू किया गया। इसके बाद कई शहरों में कर्फ्यू लगा दिया गया। अभी भी हालात सामान्य होने में काफी वक्त लगेगा।

ऐसी स्थिति में नए शिक्षा सत्र में बच्चों की स्कूल की फीस भर पाना उनके अभिभावकों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। अभिभावक इस चुनौती के कारण चिंतित हैं। ऐसी स्थिति में मेरा आपसे अनुरोध है कि मध्य प्रदेश के सभी निजी और सीबीएसई विद्यालयों को यह निर्देश दिया जाए कि वे मार्च माह से लेकर दिसंबर माह तक की कोई फीस विद्यार्थियों से वसूल नहीं करें । इसके लिए किसी विद्यार्थी के अभिभावक पर दबाव नहीं बनाया जाए ।

गुड्डू ने अपने पत्र में लिखा है कि हाल ही में समाचार पत्रों के माध्यम से यह तथ्य संज्ञान में आया है कि सीबीएसई स्कूल इस तरह फीस माफी किए जाने के पक्षधर नहीं हैं। ऐसे में मेरा राज्य सरकार से अनुरोध है कि वह अपने सरकार के खजाने से स्कूलों को फीस की राशि चुका दे और स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों तथा उनके अभिभावकों को राहत दे । मुझे उम्मीद है इस दिशा में आपकी ओर से गंभीरता से विचार कर जनहित में बड़े फैसले की घोषणा की जाएगी ।


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