इसे कहते हैं समभाव – देश चलाने को शिक्षा जरुरी नहीं तो फिर ट्रक चलाने के लिए क्यों जरुरी रखें !

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केंद्र के नरेंद्र मोदी सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आठवीं तक की शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता को ख़त्म कर दिया

दिल्ली। सरकार ने रोजगार के अवसर बढ़ाने के इरादे से बस, ट्रक एवं माल ढुलाई के अन्य वाहनों को चलाने के लिये लाइसेंस पाने के वास्ते न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता की जरूरत को समाप्त करने का निर्णय किया है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी. फिलहाल केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली, 1989 के नियम 8 के तहत वाहन चालक लाइसेंस पाने के लिए 8वीं पास होना जरुरी है। सरकार के इस फैसले पर सोशल मीडिया पर बड़ी चुटकियां ली जा रही यही। जिसमे बड़ी चुटकी इस बात पर है कि जब देश चलाने के लिए कोई शैक्षणकि योग्यता जरुरी नहीं, तो फिर ट्रक चलाने के लिए क्यों रखी जाए। कुछ ने लिखा-मोदी सरकार ने अपने मंत्रियों और वाहन चालकों को समभाव से देखा, दोनों को बराबरी का दर्जा दिया। इसे ही कहते हैं सबका साथ सबका विकास।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘आर्थिक रूप से पिछड़े तबकों के कामकाज के लिहाज से कुशल लोगों को लाभ पहुंचाने के लिये सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बस, ट्रक और माल ढुलाई जैसे वाहनों (ट्रांसपोर्ट) के चालकों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता की आवश्यकता हटाने का निर्णय किया है.’ इसमें कहा गया है कि देश में बड़ी संख्या में बेरोजगार युवा हैं जो भले ही शिक्षित नहीं हो लेकिन कुशल और साक्षर हैं.

बयान के अनुसार शैक्षणिक योग्यता को हटाने से बड़ी संख्या में बेरोजगार व्यक्तियों, विशेषकर युवाओं के लिए देश में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे. यही नहीं, इस निर्णय से ट्रांसपोर्ट और माल ढुलाई क्षेत्र में लगभग 22 लाख चालकों की कमी को पूरा करने में भी मदद मिलेगी. न्यूनतम शैक्षिक योग्यता की जरूरत चालकों की उपलब्धता में बाधक बनी हुई है. इसके लिये मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन 1989 के नियम 8 में संशोधन की प्रक्रिया आरंभ कर दी है और इस बारे में अधिसूचना जल्‍दी ही जारी की जाएगी.


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