संक्रमण की ‘जमात’ बने शिवराज के मंत्री !


 

मध्यप्रदेश में सत्ता की चाहत में शिवराज कैबिनेट ने ही जनता की ज़िंदगी को खतरे में डाल रखा है, बड़ी बेशर्मी से मंत्री और भाजपा पदाधिकारी सोशल डिस्टेंसिंग को तोड़ रहे हैं, राजा का कर्तव्य जनता को सुरक्षा देना है, यहां राजा और मंत्री ही नियम तोड़ रहे हैं

पंकज मुकाती (राजनीतिक विश्लेषक )

लापरवाह..गैरजिम्मेदार..जनता की जान के दुश्मन… कोरोना प्रतिनिधि…शिवराज सरकार के मंत्रियों पर ये सारे शब्द इस वक्त एक दम सटीक है।  मध्यप्रदेश में सरकार ने ही कोरोना प्रसार का जिम्मा ले रखा है। ऐसा लगता है मानो शिवराज कैबिनेट में कोरोना फैलाने की होड़ लगी है। एक के बाद एक मंत्री संक्रमित हो रहे हैं। पर कोई भी सुधारने को तैयार नहीं। नेता, मंत्री और उनके समर्थकों की भीड़ प्रतिदिन जुट रही है। शुरुवात में कांग्रेस सरकार पर कोरोना में लापरवाही का आरोप लगाने वाले शिवराज और ज्योतिरादित्य सिंधिया अब खुद अपने-अपने समर्थकों के साथ सत्ता के शक्ति प्रदर्शन में कोरोना फैलाने पर आमादा हैं। ये सभी जनता की जान के दुश्मन बनते नजर आ रहे हैं। देश में सर्वाधिक मंत्री और संघ से जुड़े लोग मध्यप्रदेश में ही संक्रमित हुए हैं।

मंगलवार को उज्जैन के विधायक और प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव संक्रमित हो गए। यादव सोमवार को पूरा दिन राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ महाकाल की सवारी के आयोजन में शामिल रहे। वे पूरा दिन सिंधिया के साथ रहे। इस आयोजन में भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती, मंत्री कमल पटेल, तुलसी सिलावट और सैकड़ों कार्यकर्त्ता बिना सोशल डिस्टेंसिंग के एक दम सटकर पूजा में बैठे रहे। तस्वीरों में सब एक दूसरे से इस कदर बैठे हैं मानों सिंधिया से एक इंच की दूरी भी उनकी आस्था को कम कर देगी। राजनीतिक सत्ता की भूख और बड़े नेताओं के करीब दिखने का ये तमाशा प्रदेश की करोड़ों जनता की सेहत पर भारी पड़ सकता हैं।

करीबी की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद भी यादव आयोजन में बने रहे

माना जा रहा है कि मोहन यादव के निवास पर सोमवार को रखे गए सिंधिया के सम्मान कार्यक्रम में शामिल दीनदयाल मंडल के एक पदाधिकारी के संपर्क में आने से संक्रमित हुए हैं। इस पदाधिकारी की रिपोर्ट सोमवार को ही पॉजिटिव आई थी। इसके बाद से ही भाजपा सांसद अनिल फिरोजिया, नगर अध्यक्ष विवेक जोशी, उपाध्यक्ष अमित श्रीवास्तव सहित 200 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने खुद को होम आइसोलेट कर लिया था, पर मोहन यादव पूरे वक्त सिंधिया के साथ बने रहे।

तुलसी सिलावट के सारे गुनाह माफ़ ?

ज्योतिरादित्य सिंधिया के सबसे करीबी तुलसी सिलावट तो कोरोना गुनाहों के देवता बनते नजर आ रहे हैं। सबसे पहले तो मुख्यमंत्री की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद भी तुलसी सिलावट आइसोलेट नहीं हुए। वे दूसरे ही दिन भाजपा कार्यालय इंदौर में एक बैठक में पहुँच गए। पत्रकारों के सवालों के जवाब में बचकाना सा जवाब दिया -भाजपा कार्यालय मेरा घर है और मैं होम आइसोलेट ही हूं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर उन्होंने जांच करवाई और रिपोर्ट पॉजिटिव निकली। इसके बाद भी वे नहीं माने सोमवार को इंदौर में सिंधिया को लेने एयरपोर्ट पहुंचे। बाद में वे पूरा दिन सिंधिया के साथ रहे। इंदौर सांसद सुमित्रा महाजन के अलावा वे कैलाश विजयवर्गीय के घर डिनर में भी सिंधिया के साथ रहे।

मुख्यमंत्री इस दौड़ में सबसे आगे

ऐसा ही नहीं कि सिर्फ मंत्री ऐसी लापरवाही कर रहे हैं। खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का व्यवहार भी ऐसा ही है। वे पॉजिटिव होने के बाद भी अस्पताल में सक्रिय रहे। उनसे मिलने लोग आते रहे। अस्पताल में उन्होंने एक संक्रमित से राखी भी बंधवाई। आखिर कोरोना के इस दौर में अस्पताल में ऐसा करने की छूट उन्हें किसने दी।

उमा भारती, कमल पटेल भी मुश्किल में

उज्जैन में पूरे वक्त मोहन यादव के साथ रही उमा भारती और कृषि मंत्री कमल पटेल के भी संक्रमित होने का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा इंदौर में हजारों कार्यकर्त्ता इसकी चपेट में आ सकते हैं।

संक्रमितों की इस सूची को देखिये आप समझ जायेगें संक्रमण कौन फैला रहा

शिवराज सिंह चौहान (मुख्यमंत्री
ज्योतिरादित्य सिंधिया (सांसद )
अरविंद भदौरिया (मंत्री)
तुलसी सिलावट (मंत्री )
मोहन यादव (मंत्री )
विश्वास सारंग (मंत्री )
ओमप्रकाश सकलेचा (मंत्री )
रामखेलावन पटेल (मंत्री )
महेंद्र सिसोदिया (मंत्री )
हीरासिंह राजपूत (गोविंद राजपूत मंत्री के भाई)
वीडी शर्मा (भाजपा प्रदेश अध्यक्ष )
सुहास भगत – संगठन मंत्री
आशुतोष तिवारी -सहसंगठन मंत्री

Also Read this.. 

https://politicswala.com/2020/08/18/jyotiradttya-kailashvijayvargiy/

 

 


5 2 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments