प्रदेश की नौकरियों में पहला हक़ हमारे युवाओं का…शिवराज


 

शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के युवाओं के लिए मंगलवार को बड़ी घोषणा की, मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को सरकारी नौकरियां मिले इसके लिए कानून बनाया जाएगा।

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को एक बड़ा फैसला लिया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान किया कि केवल मध्य प्रदेश के युवाओं को सरकारी नौकरियां मिलें, इसके लिए कानूनी कदम उठाएंगे। इस फैसले से बाहरी युवा प्रदेश के युवाओं का हक़ नहीं मार सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने एक वीडियो के जरिये अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इसके लिए जरूरी कानून बनाया जाएगा। मध्य प्रदेश के संसाधन केवल प्रदेश के बच्चों के लिए होंगे।अब तक प्रदेश सरकार की भर्ती के लिए पूरे देश से आवेदन मांगे जाते थे।नौकरियों के लिए देशभर से कोई भी आवेदन कर सकता था। हाल ही में जेल प्रहरी भर्ती का विज्ञापन भी ऑल इंडिया लेवल पर निकाला गया था। इसे लेकर युवाओं ने काफी विरोध भी किया था।

प्रदेश में 27 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को देखते हुए इसे बड़ा फैसला माना जा रहा है। नई व्यवस्था कब से लागू होगी। इसका ऐलान नहीं किया गया है। सरकार ने ये साफ कर दिया है कि कानून में संसोधन किया जाएगा। अब तक एमपीपीएससी और अन्य नौकरियों के लिए देशभर से आवेदन आते थे, सभी को बराबर की भागीदारी थी, लेकिन नया नियम आने की स्थिति में केवल प्रदेश के निवासी ही सरकारी नौकरी के लिए आवेदन कर पाएंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मैंने अपनी 15 माह की सरकार में उद्योग नीति में परिवर्तन किया और 70% प्रदेश के स्थानीय युवाओं को रोजगार देना अनिवार्य किया। आप (शिवराज) 15 वर्ष बाद आज युवाओं के रोजगार को लेकर नींद से जागे। लेकिन यह सिर्फ घोषणा बनकर ही न रह जाए। प्रदेश के युवाओं के हक के साथ छलावा न हो। मात्र चुनावी घोषणा बनकर न रह जाए, इस बात का ध्यान रखा जाए। अन्यथा कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।

मंत्री कमल पटेल ने कहा कि कांग्रेस केवल कहती है, लेकिन करती कुछ नहीं है। इस फैसले से प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिलेगा। उनके अवसर बढ़ जाएंगे। मैं कहता हूं कि सरकार के इस फैसले का कांग्रेस को स्वागत करना चाहिए, लेकिन उन्हें नौटंकी के अलावा कुछ नहीं आता।