चुनावी शुभ-लाभ …भाजपा का साथ मिलते ही आठ महीने में तुलसी सिलावट की कमाई 80 फीसदी बढ़ी


 

शिव का साथ तुलसी मालामाल…सांवेर से भाजपा प्रत्याशी तुलसी सिलावट के शपथ पत्र में कमाई के आंकड़े देखकर अर्थशास्त्री भी हैरान  आखिर लॉकडाउन में ये बढ़ोतरी कहां से आई

पंकज मुकाती (राजनीतिक विश्लेषक )

इंदौर। बिकाऊ के नारों के बीच तुलसी सिलावट की कमाई में हुई बढ़ोतरी ने सबको चौंका दिया। शिवराज और भाजपा दोनों तुलसी पहलवान के लिए बेहद लकी साबित हुए। शिवराज का साथ उन्हें मालामाल कर गया। पिछले आठ महीने में तुलसी सिलावट की कमाई में 80. 80 फीसदी का इजाफा हुआ। वो भी लॉकडाउन के आठ महीनों में। जब आठ महीने में सारे कारोबार बंद थे तब सिलावट ने किस जादू से इतना पैसा कमाया ? ये सवाल सांवेर की जनता के मन में भी है।

सांवेर से भाजपा प्रत्याशी सिलावट की आय की जानकारी उनके अग्रिम आयकर रिटर्न में सामने आई। पिछले सप्ताह नामांकन दाखिले के साथ सिलावट ने अपना शपथ पत्र भी जारी किया। इसमें उन्होंने पिछले आठ महीने में आमदनी में 80 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी बताई है। यानी कांग्रेस की ड्योढ़ी छोड़कर भाजपा में कदम रखना फायदे का सौदा साबित हुआ।

शपथ-पत्र के साथ सिलावट ने अपनी इनकम टैक्स रिटर्न की जो जानकारी दी है उसके अनुसार 2019-20 के मुकाबले 2020-21 में उनकी आमदनी 80.80 प्रतिशत बढ़ी है। दूसरी तरफ कांग्रेस प्रत्याशी गुड्डू की आय कम हुई। 2017-18 में उन्होंने अपनी आय 1.07 करोड़ बताई थी जो 2019-20 में घटकर 40.61 लाख ही रह गई।

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शपथ पत्र के अनुसार सिलावट के पास कुल 91 लाख 87 हजार 721 रुपए की चल संपत्ति है वहीं करीब 8.63 करोड़ की अचल संपत्ति है। आंकड़ों में देखें तो कमलनाथ सरकार में मंत्री रहते तुलसी सिलावट नुकसान में रहे। 2018-19 में उनकी आमदनी 6.46 लाख थी जो 2019-20 में घटकर 6.18 रह गई। मतलब, मंत्री बनने का कोई फायदा नहीं मिला। मार्च 2020 में उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी। भाजपा का दामन थाम लिया।

लॉकडाउन में कमाई से अर्थशास्त्री भी हैरान

24 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना के चलते लॉकडाउन घोषित कर दिया था। व्यापार से लेकर कारोबार तक घाटे में रहे। नौकरियां चली गई। मगर, लॉकडाउन के बावजूद तुलसी सिलावट ने कमाई बढ़ाने का कमाल कैसे कर दिखाया? अर्थशास्त्री यही समझने में लगे हैं।