मैं चाहे ये करूं, मैं चाहे वो करूं, मेरी मर्ज़ी


बीजेपी के गढ़ इंदौर को कोई मंत्री न देकर। शिवराज ने साबित किया कि वे अपनी मर्जी के मालिक हैं
भोपाल।शिवराज कैबिनेट का विस्तार हो गया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सुबह साढ़े नौ बजे राजभवन में एक साथ समारोह में तीन नए मंत्रियों नारायण सिंह कुशवाह, बालकृष्ण पाटीदार, जालम सिंह पटेल को शपथ दिलाई। अब ये तीनों मंत्री कैबिनेट का हिस्सा होंगे।इनमें सबसे पहले ग्वालियर दक्षिण से विधायक नारायण सिंह कुशवाह शपथ ने शपथ ली। राज्य मंत्री के तौर पर नारायण सिंह कुशवाह ने शपथ ली। इसके बाद खरगोन से विधायक बालकृष्ण पाटीदार ने शपथ ली। पाटीदार ने राज्य मंत्री पद की शपथ ली। इसके बाद जालम सिंह पटेल ने शपथ ली। शिवराज सरकार के मौजूदा मंत्रिमंडल में 19 कैबिनेट एवं 9 राज्यमंत्री है।

मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 3 महीने पहले विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान संकेत दिए थे। इसके दावेदार विधायकों ने दिल्ली से लेकर नागपुर तक जबर्दस्त लॉबिंग की थी।लेकिन हर बार कुछ ना कुछ अटकलों के चलते विस्तार टलता जा रहा था, मगर शुक्रवार को मुख्यमंत्री और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के बाद इस पर सहमति बनी।लेकिन अब दो विधानसभा उपचुनाव एवं जातिगत व क्षेत्रीय समीकरणों के चलते पिछले चार महीने से टल रहे मंत्रिमंडल का विस्तार मुंगावली एवं कोलारस विस् उपचुनाव से पहले कर दिया गया है। जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखकर चुनावी साल में तीन विधायकों को मंत्रिमंडल में मौका दिया है। वहीं किसी भी मंत्री को कैबिनेट से कोई बाहर नहीं किया गया। शिवराज सरकार के मौजूदा मंत्रिमंडल में 19 कैबिनेट एवं 9 राज्यमंत्री है।

बता दे कि इस विस्तार में जालम सिंह पटेल (लोधी समाज) बाल कृष्ण पाटीदार (पाटीदार समाज) और नारायण सिंह कुशवाह (काछी समाज) को मौक़ा दिया गया है। चुनाव आयोग में कॉंग्रेस की आपत्ति के चलते गोपीलाल जाटव का नाम कटा (एससी) गया है, इसलिए राज्य मंत्री लालसिंह (एससी वर्ग) को प्रमोट किया जा सकता है।वहीं किसी भी राजपूत समाज के प्रतिनिधि को लेकर आम राय नही बन पाई है ।इंदौर ज़िले को एक बार फिर मप्र कैबिनेट प्रतिनिधित्व से बाहर रखा गया है।


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