पायलट समेत 15 विधायक दिल्ली पहुंचे, सोनिया गांधी से बात करेंगे


 

गहलोत ने सचिन को खलनायक बताने के लिए एसीबी को की शिकायत , पूछताछ का नोटिस मिलने से पायलट नाराज़, कांग्रेस सरकार खतरे में

जयपुर। मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार की राह पर राजस्थान की गहलोत सरकार भी चल पड़ी है। राजस्थान में सरकार गिराने की साजिश और विधायकाें की खरीद-फराेख्त की जांच जारी है। अशोक गहलोत से इस मामले में उप मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट नाराज़ है। सुबह गहलोत की मीटिंग में भी वे शामिल नहीं हुए। पायलट अपने 12 समर्थक और तीन निर्दलीय विधायकों के साथ दिल्ली पहुंच गए हैं। पायलट ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने का समय माँगा है।

जानकारी के मुताबिक पायलट इस बात से बेहद नाराज़ है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को शिकायत क्यों की गई। इस मामले में पायलट और गहलोत दोनों को जांच टीम ने नोटिस दिया है। इस मामले में उनसे पूछताछ की जाएगी। पायलट को खलनायक बनाने की इस कोशिश में कहीं राजस्थान में कांग्रेस सरकार न गिर जाए। मध्यप्रदेश में भी वरिष्ठों ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को ऐसे ही ट्रीट किया और सरकार गिर गई।

मंत्रियों को निर्देश विधायकों के संपर्क में रहें

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार रात 8:30 बजे कैबिनेट मंत्रियों की मीटिंग ली। इसमें 12 मंत्री और 12 विधायक मौजूद रहे। करीब 2 घंटे चली बैठक में सीएम ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिए कि वे अपने प्रभार वाले जिलों के विधायकों से संपर्क में रहें और कोई भी जानकारी उन्हें मिलती है तो साझा करें।

तीनों निर्दलीयों से कांग्रेस ने नाता तोड़ा
डूंगरपुर और बांसवाड़ा के विधायकों को पैसा देने के मामले में एसीबी ने शनिवार को तीन निर्दलीय विधायकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इनमें महुवा से ओमप्रकाश हुड़ला, अजमेर किशनगढ़ से सुरेश टांक और पाली मारवाड़ जंक्शन से निर्दलीय विधायक खुशवीर सिंह शामिल हैं। जांच में सामने आया कि इनके पास मोटी धनराशि भी थी। ऐसा पहली बार हुआ है जब एसीबी ने इस तरह के मामलों में प्राथमिकी दर्ज की है। तीनों ने स्थानीय विधायकों को प्रलोभन दिया था।


5 1 vote
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments