राजस्थान की कांग्रेस सरकार गिराने की कोशिश,दो भाजपा नेता हिरासत में


 

मध्यप्रदेश की तर्ज पर राजस्थान सरकार गिराने के भाजपा के ‘ऑपरेशन लोटस’को गहलोत ने भ्रष्ट्राचार निरोधक ब्यूरो को शिकायत कर किया फेल, दो मोबाइल नंबर्स की रिकॉर्डिंग से हुए बड़े खुलासे

जयपुर। मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार तो 24 विधायकों के इस्तीफे से गिर गई। पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी चतुराई से सरकार बचा ली। गेहलोत ने विधायकों की खरीद फरोख्त और सरकार गिराने की शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि राज्यसभा चुनाव से पहले भाजपा द्वारा विधायकों को 25-25 करोड़ रु का प्रलोभन देकर खरीदने कोशिश की गई। इस मामले में भाजपा के दो स्थानीय नेताओं अशोक सिंह और भरत मलानी को हिरासत में लिया गया है।

एसओजी की जांच में खुलासा

स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने बताया कि हथियारों की तस्करी से जुड़े मामले में दो मोबाइल नंबरों (992922990X और 89490656X8) को सर्विलांस पर लिया हुआ था। इन पर हुई बातचीत में सामने आया कि राज्यसभा चुनाव से पहले सरकार गिराने की साजिश रची गई थी। विधायकों को 25-25 करोड़ रुपए देने की जानकारी भी सामने आई है। कांग्रेस के मुख्य सचेतक महेश जोशी की रिपोर्ट पर जांच के बाद एसओजी ने यह खुलासा किया। शुक्रवार को एसओजी ने इस मामले में केस भी दर्ज किया।

सूत्रों के मुताबिक, इस एफआईआर में बांसवाड़ा जिले में कुशलगढ़ से महिला विधायक रमीला खड़िया और पूर्व मंत्री और वर्तमान में बांसवाड़ा जिले से कांग्रेसी विधायक महेंद्रजीत सिंह मालवीय का नाम सामने आया। इन्हें विपक्षी दल की ओर से मोटी रकम का लालच देकर खरीद फरोख्त की कोशिश की गई थी। इस बीच मामला प्रदेश के सीएम गहलोत तक पहुंच गया। इसके बाद मुख्य सचेतक महेश जोशी द्वारा राज्य सभा चुनाव से पहले एक लिखित रिपोर्ट एसओजी, जयपुर में दी गई थी।

भाजपा विधायक तोड़ने में लगी -गहलोत
अशोक गहलोत नेकहा कि भाजपा के लोग सरकार गिराने में लगे हुए हैं। हमें, हमारे मंत्रियों को सरकार बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। हम कोरोना से जंग में लड़ रहे हैं। वे लोग (भाजपा) इसी में लगे हैं कि सरकार किस तरह से गिरे, कैसे खरीद-फरोख्त करें। ये अब खुलकर देश के सामने आ गए हैं। गोवा, मणिपुर में देखिए, वहां पर कांग्रेस की सरकारें बदली गईं। उत्तरखंड में 5 मंत्री वो हैं, जो कांग्रेस से गए। महाराष्ट्र में कमाल हो गया। बहुमत नहीं था, तब भी शपथ दिला दी गई। मध्यप्रदेश में सभी को मालूम है क्या हुआ। इनकी सोच ही यही है।

दो मोबाइल नंबरों से होगा खुलासा

इस बातचीत में यह भी कहा जा रहा है कि मौजूदा सरकार को गिराकर ये लोग नई सरकार बनवाकर 1000-2000 करोड़ रुपए कमा सकते हैं। इसी बातचीत में यह भी कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच झगड़ा चल रहा है। ऐसी स्थिति में कांग्रेस और निर्दलीय विधायकों को तोड़कर सरकार गिराई जाए।

26 विधायकों ने दिया बयान

विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले में शुक्रवार देर रात 26 विधायकों ने संयुक्त बयान जारी किया। यह मुख्य सचेतक महेश जोशी और उप मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी की तरफ से जारी किया गया। इसमें भाजपा पर आरोप लगाया कि वह सरकार को गिराने की साजिश रच रही है। इन कांग्रेसी विधायकों ने भाजपा के शीर्षस्थ लोगों को इस साजिश में शामिल होने की बात भी कही।


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