बंगला खाली करना मुख्यमंत्री बनने की दिग्विजयी सियासत !


भोपाल, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बारे में कहा जाता है-वे कोई भी कदम बिना मंज़िल तय किये नहीं उठाते. ताज़ा मामला भोपाल में सरकारी बंगला खाली करने का है. पूर्व मुख्यमंत्रियों के बंगले खाली कराने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्रियों से बंगले खाली कराकर नए आवदेन लेकर फिर अलॉट कर दिये। दिग्विजय सिंह से भी सरकार ने आवेदन माँगा था, पर उन्होंने नहीं दिया.
उनकी तरफ से विवेक तन्खा पूरी प्रक्रिया को लेकर अदालत गये. रविवार को दिग्विजय ने बंगला खाली कर दिया. क्या दिग्विजय इस बंगले के जरिये अपनी मंज़िल तय कर चुके हैं. अपनी राजनीति को वनवास से निकालकर फिर सत्ता से जोड़ने में इस बंगले को खाली करना दिग्विजयी सियासत का हिस्सा हो सकता है. संभव है, वे इस बंगले को छोड़कर मुख्यमंत्री आवास वाले बंगले तक पहुँच जाएँ. दिग्गी की राजनीति जो दिखता है उससे हमेशा अलग ही रही है.
श्यामला हिल्स स्थित बी-वन बंगले से दिग्विजय सिंह का सामान शिफ्ट किया गया। सामान को तीन ट्रकों में भरकर ले जाया गया।गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को दी जाने वाली सभी सरकारी सुविधाएं बंद करने का आदेश दिया था। इसके बाद सीएम शिवराज ने भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्रियों को उनके सरकारी बंगले आवंटित तो कर दिए लेकिन दिग्विजय सिंह से उनका बंगला खाली करा लिया गया। पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी, उमा भारती एवं बाबूलाल गौर अब भी उन्हीं बंगलों में हैं, जिनमें वो पहले थे।

इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सरकार से आग्रह किया था कि उन्हे उनके ऑफिस के लिए यह बंगला आवंटित कर दिया जाए। इस मामले में दिग्विजय सिंह ने मुख्य सचिव को पत्र लिखा था लेकिन इस पत्र पर सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया था।
दरअसल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर गृह विभाग ने आवास आवंटन के आदेश जारी कर दिए। इससे पहले हाईकोर्ट जबलपुर ने एक जनहित याचिका पर फैसला सुनाते हुए पूर्व मुख्यमंत्रियों को निशुल्क आजीवन सरकारी आवास की सुविधा के प्रावधान को अवैधानिक करार देते हुए एक महीने में कार्रवाई करने के आदेश दिए थे।इसके बाद सरकार ने 18 जुलाई को पूर्व मुख्यमंत्रियों के आवास आवंटन को निरस्त करने के आदेश जारी किए थे। लेकिन गृह विभाग ने दिग्विजय सिंह को छोड़ बाकी तीनों पूर्व मुख्यमंत्रियों को दोबारा वही बंगले आवंटित कर दिए थे।


0 0 vote
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments