भोपाल। क्या देश की शीर्ष संस्थाओं में भी सांप्रदायकिता और जातिवाद से नियुक्तियां तय की जाती है। क्या हिंदुस्तान के मुसलमानों के ये आरोप सही है कि हिंदुस्तान में उनकी काबिलियत की कद्र नहीं। उत्तरप्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक जावेद अहमद के वाट्सअप से ऐसा ही आभास होता है। उन्होंने ख़ुद को सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) प्रमुख न बनाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर एक प्रतिक्रिया दी है. इसमें लिखा है, ‘अल्लाह की मर्ज़ी…बुरा तो लगता है पर ‘एम’ होना गुनाह है.’ माना जा रहा है कि उन्होंने इस पद के लिए उन्हें नज़रंदाज़ किए जाने को अपने मुस्लिम होने से जोड़ा है। हालाँकि जावेद अहमद को ये समझना चाहिए कि यदि ऐसे ही फैसले होते तो वे आज वे जहां हैं वहां कभी नहीं पहुंच पाते। दरअसल देश में जब भी किसी मुस्लिम को बड़ी जिम्मेदारी नहीं मिलती वो खुद की कौम की आड़ में छिपने की कोशिश करता है। इस देश में राष्ट्रपति से लेकर क्रिकेट टीम का कप्तान और फ़िल्मी दुनिया तक में “एम” होना कभी आड़े नहीं आया। जावेद अहमद जैसे पढ़े-लिखे लोगों को अपनी कौम के बीच मिसाल बननी चाहिए न कि उनको भड़काना चाहिए।
कुछ समाचार पत्रों की ख़बरों के मुताबिक आईपीएस अफसरों के एक वॉट्सऐप ग्रुप में शनिवार शाम करीब 5:40 बजे मध्य प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक ऋषि कुमार शुक्ला को सीबीआई निदेशक बनाए जाने का संदेश आया. इसके बाद 7:02 बजे जवीद अहमद ने इसी ग्रुप में अपनी प्रतिक्रिया दी. हालांकि कुछ ही देर में उन्होंने इसे हटा भी दिया. लेकिन इससे पहले ही किसी ने उसका स्क्रीन शॉट लेकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. अख़बार के मुताबिक ग्रुप से जुड़े एक वरिष्ठ अफसर ने नाम न छापने की शर्त पर इसकी पुष्टि की है. वहीं जवीद अहमद से जब प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क नहीं हो सका.
ग़ौरतलब है कि जवीद अहमद को 2016 में कई वरिष्ठ अफसरों की अनदेखी कर उत्तर प्रदेश का पुलिस महानिदेशक बनाया गया था. लेकिन 2017 में भारतीय जनता पार्टी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने उन्हें इस पद से हटा दिया. जवीद अहमद की जगह उनके वरिष्ठ अफसर सुलखान सिंह को पुलिस महानिदेशक बना दिया गया. इसके बाद जवीद अहमद ने केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर जाने की इच्छा जताई थी. उसी के मुताबिक उन्हें नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिमिनलॉजी एंड फाॅरेंसिक साइंस का महनिदेशक बना दिया गया. उनका नाम सीबीआई निदेशक के पद के लिए सबसे आगे बताया जा रहा था.
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