दिग्विजय की मानें तो जिनको कोरोना हुआ सब ‘पापी’


 

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एक बार फिर अपने बयानों से घेरे में हैं उन्होंने कहा कि राम मंदिर पूजन के अशुभ मुहूर्त के कारण अमित शाह, राम मंदिर पुजारी संक्रमित हुए, अब दिग्विजय बताएं जो कांग्रेसी संक्रमित हुए उनके क्या अशुभ कर्म हैं ?

इंदौर। हमेशा की तरह पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। वे जब भी कुछ बोलते है, विवाद जरूर खड़ा होता है। कभी,कभी लगता है, उम्र के इस दौर में वे विवाद का मजा लेने को उतावले हैं। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की आधारशिला रखने की तारीख और उसके मुहूर्त पर विवाद बढ़ता जा रहा है। दिगिवजय सिंह ने सोमवार को इसे कोरोना से जोड़ दिया। वे बोले मुहूर्त अशुभ है, इसलिए अमित शाह, मंदिर के पुजारी संक्रमित हो गए। उत्तरप्रदेश के एक मंत्री की मृत्यु हो गई। बीमारी को शुभ,अशुभ से जोड़ने की इस दिग्विजय वाणी से बड़ा वर्ग नाराज़ है।

लोग सवाल कर रहे हैं कि 6 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हैं। क्या वे सभी ऐसे ही किसी पाप के शिकार हैं। लोगों ने ये सवाल भी उठाया कि देशभर में कई कांग्रेसी नेता भी पॉजिटिव निकले हैं, उन पर वे क्या कहेंगे। खुद मध्यप्रदेश में कांग्रेस के विधायक कुणाल चौधरी पॉजिटिव निकले। दिग्विजय ने अपने राजयसभा चुनाव में उन्हें अस्पताल से बुलवाकर वोट डलवाया। तब उन्होंने वोट लेने से इंकार नहीं किया। आज वे दूसरों को आइसोलेट होने की सलाह दे रहे हैं।

दिग्विजय ने ट्वीट किया- ‘मंदिर पूजन के लिए हिंदू धर्म की मान्यताओं को नजरअंदाज किया गया है। इसी वजह से गृह मंत्री अमित शाह से लेकर राम मंदिर के पुजारी तक कोरोना संक्रमित हो गए हैं। अपनी बात रखने के लिए दिग्विजय ने 11 ट्वीट किए। कहा, ‘मोदीजी आप अशुभ मुहूर्त में भगवान राम मंदिर का शिलान्यास कर और कितने लोगों को अस्पताल भिजवाना चाहते हैं?

योगीजी आप ही मोदीजी को समझाइए। आपके रहते हुए सनातन धर्म की सारी मर्यादाओं को क्यों तोड़ा जा रहा है? और आपकी क्या मजबूरी है जो आप यह सब होने दे रहे हैं?

1. राम मंदिर के समस्त पुजारी कोरोना पॉजिटिव।
​2. उत्तर प्रदेश की मंत्री कमलरानी वरुण का कोरोना से निधन।
3. उत्तर प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष कोरोना पॉजिटिव।

‘योगी और मोदी को क्वारैंटाइन होना चाहिए’
दिग्विजय ने कहा, ‘इन हालातों में क्या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को क्वारैंटाइन नहीं होना चाहिए? क्या नियम केवल आम जनता के लिए है? प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री के लिए नहीं है?’ उन्होंने कहा, ‘भगवान राम करोड़ों हिंदुओं के आस्था के केंद्र हैं। हजारों सालों से चली आ रही मान्यताओं के साथ खिलवाड़ मत करिए।’

मुहूर्त शुभ है तो उमा जी क्यों नहीं जा रहीं ?
मीडिया से पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि क्या मुहूर्त ठीक है? मैं उमा भारती से पूछना चाहता हूं। वे क्यों नहीं जाना चाहतीं। साधु-संत क्यों मौन है? विहिप क्यों मौन है? वाराणसी से शब्दार्थ होना चाहिए। हजारों वर्ष के संस्कार को आप क्यों तोड़ना चाहते हैं मोदी जी? कौन सा चुनाव है अभी। क्या शुभ मुहूर्त नरेंद्र मोदी के लिए निकलवाया गया है?


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