मोदी के माननीय मंत्री जी क्या आप नजरबंदी का मजा लेना चाहेंगे ?


जवाहर लाल नेहरू विश्विद्यालय में मंत्री ने कहा-नजरबंदी का मजा लूट रहे हैं, कश्मीरी नेता, घर से ज्यादा सत्कार है यहां
इंदौर। अपने किये को सही साबित करने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके सहयोगी कभी पीछे नहीं रहंते। अब केंद्रीय मंत्री को ही देखिये वे कश्मीर के नेताओं की नजरबंदी को आदर सत्कार बता रहे हैं। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा है कि कश्मीर में नजरबंद चल रहे नेताओं की खूब पूछ-परख चल रही है और उनका ऐसा सत्कार हो रहा है जैसा कि घर में भी नहीं होता। . जम्मू, कश्मीर एवं लद्दाख में शांति, स्थिरता एवं विकास ’ विषय पर अपने संबोधन में दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में केंद्रीय मंत्री ने ये बात कही। . जितेंद्र सिंह ने कहा कि कश्मीर में जो भी लोग नजरबंद हैं उनकी आवभगत हो रही है। कोई कैद नहीं है, (ये) एक प्रकार की प्रतिबंधात्मक नजरबंदी है और वो भी ऐसी नजरबंदी जहां खूब सत्कार हो रहा है । नजरबंद किए गए कुछ लोगों का तो इतना सत्कार हो रहा है जितना मेरे घर में मुझे नहीं मिलता. उनमें से कुछ ब्राउन ब्रेड मांग रहे हैं, कुछ हॉलीवुड (फिल्म) वीडियो की फरमाइश कर रहे हैं।

जितेंद्र सिंह ने अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त करने के कदम की सराहना करते हुए कहा कि इस कानून ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं को अलग थलग किया था और इसकी वजह से राज्य में आतंकवाद आया। केंद्रीय मंत्री के संबोधन के दौरान वाम दलों से जुड़े कुछ छात्रों ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त करने के विरोध में नारे भी लगे। जम्मू से ताल्लुक रखने वाले केन्द्रीय मंत्री ने इसे बेहद सहज तरीके से लिया और नारेबाजी को ‘शानदार स्वागत’ बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि छात्र इस विषय पर अपनी बात रखने के लिए ‘उत्सुक और उत्साहित’ हैं. उधर, कुलपति जगदीश कुमार ने कहा कि जेएनयू अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त करने के कदम का शेष भारत के समान ‘एक स्वर’ में समर्थन करता है।


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