शराब बंदी की बातें बेमानी, शराब से खजाना भरेगी, सरकार !


लाइसेंस फीस बढ़ेगी, पर शराब कहीं से भी खरीदने की होगी छूट
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार शराब से खजाना भरने की तैयारी में है। बार और रेस्टॉरेंट में शराब बेचने के लिए लाइसेंस फीस बढ़ेगी। जबकि बिक्री बढ़ाने के लिए कई तरह की छूट देने की तैयारी है। देसी शराब अब किराना और पान गुमटियों से बेचने के भी लाइसेंस देने पर विचार हो रहा है। कमल नाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में कैबिनेट बैठक होगी इसमें प्रदेश की आबकारी (शराब) नीति को मंजूरी मिल सकती है।सरकार खाली खजाना भरने के लिए लायसेंस फीस 20 फीसदी तक बढ़ा सकती है। इससे दुकान, बार और रेस्टोरेंट में मिलने वाली शराब भी महंगी हो सकती है। इसके साथ ही देसी शराब के लिए अन्य राज्यों के निर्माताओं के लिए दरवाजे खोले जा सकते हैं। इस कैबिनेट बैठक को लोकसभा चुनाव से पहले अंतिम बैठक माना जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक प्रदेश सरकार खाली खजाने को भरने के लिए शराब नीति में संशोधन करके लायसेंस नवीनीकरण फीस में पांच से दस फीसदी तक इजाफा करने जा रहा है। 2018-19 में लायसेंस नवीनीकरण फीस 15 फीसदी बढ़ाई गई थी।आबकारी विभाग के इस वृद्धि के जरिए पांच से छह सौ करोड़ अतिरिक्त आमदनी की उम्मीद कर रहा है। इसके साथ ही बार लायसेंस सहित अन्य लायसेंस फीस में भी इसी अनुपात में वृद्धि की जा सकती है।

पहली बार देसी शराब के क्षेत्र में दूसरे राज्यों के निर्माताओं के लिए दरवाजे भी खोले जा सकते हैं। सरकार का मानना है कि इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और चुनिंदा कारोबारियों का एकाधिकार समाप्त होगा। इससे सरकार को अधिक राजस्व मिलेगा। इसके साथ ही बार संचालकों को नजदीक की दुकान से शराब लेने की बाध्यता में छूट देने सहित कुछ अन्य संशोधन भी आबकारी नीति में किए जा सकते हैं।

माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता प्रभावी होने से पहले इस कैबिनेट बैठक को अंतिम माना जा रहा है। इसके मद्देनजर संभावना जताई जा रही है कि कांग्रेस के वचन पत्र से जुड़े कुछ ऐसे निर्णय, जिनमें सरकार के ऊपर आर्थिक भार नहीं आ रहा, लिए जा सकते हैं।


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