बड़ा सवाल – येदियुरप्पा ने इस्तीफे के साथ ‘अग्निपरीक्षा’ का जिक्र क्यों किया ?


 

बेंगलुरु। कर्नाटक की राजनीति में अब एक नया नाटक शुरू हुआ है । कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा सोमवार को विधानसभा में इस्तीफा देने का एलान किया।

उसके बाद राजभवन पहुंच कर राज्यपाल थावरचंद गहलोत को अपना इस्तीफा सौंपा। येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा ऐसे समय दिया है, जब आज कर्नाटक की भाजपा सरकार के दो साल पूरे हुए हैं।

ऐसे में हर किसी की नजर इस बात पर है कि अब भाजपा राज्य की कमान किसे सौंपेगी। वहीं नई दिल्ली में कर्नाटक के नए सीएम को लेकर बैठक हो रही है, जिसमें पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद हैं।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की रेस में प्रह्लाद जोशी, बीएल संतोष, लक्ष्मण सवदी और मुरुगेश निरानी का नाम शामिल है। सूत्रों ने बताया कि भाजपा जल्द ही कर्नाटक में पर्यवेक्षण भेजेगी। नए मुख्यमंत्री के शपथ लेने तक बीएस येदियुरप्पा कार्यवाहक सीएम बने रहेंगे।

मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का एलान करते हुए येदियुरप्पा ने कहा, उन्हें कर्नाटक के लोगों के लिए अभी बहुत काम करना है। हम सभी को मेहनत के साथ काम करना चाहिए। येदियुरप्पा ने भावुक स्वर में कहा, “मैंने इस्तीफा देने का फैसला किया है। मैं जल्द ही राज्यपाल से मुलाकात करूंगा।

भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि वह हमेशा अग्निपरीक्षा से गुजरे हैं। उन्होंने कहा कि जब अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे तो उन्होंने मुझे केंद्र में मंत्री बनने के लिए कहा, लेकिन मैंने कहा कि मैं कर्नाटक में रहूंगा।

कर्नाटक का अगला सीएम कौन..

येदियुरप्पा के इस्तीफे के एलान के बाद दिल्ली में हलचल तेज हो गई है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, कर्नाटक के भाजपा प्रभारी अरुण सिंह और गृह मंत्री अमित शाह नए मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा कर रहे हैं।

इस बीच येदियुरप्पा के उत्तराधिकारी के तौर पर केंद्रीय कोयला, खनन व संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री लक्ष्मण सवदी, संगठन महासचिव बीएल संतोष और प्रदेश सरकार में खनन मंत्री व उद्योगपति एमआर निरानी का नाम आगे चल रहा है।

हालांकि, जोशी ने कहा कि उनसे इस बारे में अभी तक शीर्ष नेतृत्व ने कोई बात नहीं की है जबकि निरानी का कहना है कि पार्टी जो भी आदेश देगी, वह उसका पालन करेंगे।