“मुझे यकीन है कि मैं हार चुका हूँ- इरफान खान (2018)


“मुझे यकीन है कि मैं हार चुका हूँ- अभिनेता इरफान खान ने 2018 में अपने नोट में यह दिल छू लेने वाली बात लिखी थी. जब वो कैंसर की बीमारी से लड़ रहे थे .और आज यह दुखद ख़बर हम दे रहे हें कि वो हमारे बीच नहीं रहे।

54 वर्षीय इरफ़ान न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर से पीड़‍ित थे। वह विदेश में इस बीमारी का इलाज करवा रहे थे और हाल ही मुंबई लौटे थे। दो साल पहले मार्च 2018 में इरफ़ान को अपनी बीमारी का पता चला था। इरफ़ान ने अपने चाहने वालों के साथ ख़ुद ये ख़बर शेयर की थी। उन्होंने ट्वीट किया था, “ज़िंदगी में अचानक कुछ ऐसा हो जाता है, जो आपको आगे लेकर जाता है. मेरी ज़िंदगी के पिछले कुछ दिन ऐसे ही रहे हैं. मुझे न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर नामक बीमारी हुई है. लेकिन, मेरे आसपास मौजूद लोगों के प्यार और ताक़त ने मुझमें उम्मीद जगाई है।

बीमारी के बारे में पता चलते ही इरफ़ान ख़ान इलाज के लिए लंदन चले गए थे. इरफ़ान वहां क़रीब एक साल रहे और फिर मार्च 2019 में भारत लौटे थे।

इरफ़ान ख़ान की चर्चित फ़िल्में हैं– सलाम बॉम्बे, स्लमडॉग मिलेनियर, द लंच बॉक्स, तलवार, लाइफ़ ऑफ़ पाई, हिंदी मीडियम, ऑन, ब्लैकमेल, अंग्रेजी मीडियम, पान सिंह तोमर, मक़बूल, हासिल. पीकू।

मैं कई और कहानियों के साथ लौटूंगा
“जीवन में अनपेक्षित बदलाव आपको आगे बढ़ना सिखाते हैं। मेरे बीते कुछ दिनों का लब्बोलुआब यही है. पता चला है कि मुझे न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर हो गया है। इसे स्वीकार कर माना मुश्किल है. लेकिन मेरे आसपास जो लोग हैं, उनका प्यार और उनकी दुआओं ने मुझे शक्ति दी है. कुछ उम्मीद भी बंधी है. फ़िलहाल बीमारी के इलाज के लिए मुझे देश से दूर जाना पड़ रहा है। लेकिन मैं चाहूंगा कि आप अपने संदेश भेजते रहें।

अपनी बीमारी के बारे में इरफ़ान ने आगे लिखा था, “न्यूरो सुनकर लोगों को लगता है कि ये समस्या ज़रूर सिर से जुड़ी बीमारी होग। लेकिन ऐसा नहीं है. इसके बारे में अधिक जानने के लिए आप गूगल कर सकते हैं। जिन लोगों ने मेरे शब्दों की प्रतीक्षा की, इंतज़ार किया कि मैं अपनी बीमारी के बारे में कुछ कहूं, उनके लिए मैं कई और कहानियों के साथ ज़रूर लौटूंगा।


0 0 vote
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments