इंदौर
इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट सहित देश के सभी एयरपोर्ट से यात्री उड़ानों का संचालन पूरी मंगलवार रात से ही पूरी तरह से बंद हो चुका है। देश में 21 दिन के लॉक डाउन के दौरान एयरपोर्ट पर यात्री सेवाएं भले ही मौजूद नहीं है, लेकिन एयरपोर्ट अथोरिटी फिर भी शहर के प्रति अपने फर्ज को निभा रही है। इसी क्रम में एयरपोर्ट डायरेक्टर अर्यमा सान्याल ने एयरपोर्ट अथोरिटी की ओर से संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी और एमजीएम मेडिकल कॉलेज की डीन को 25 लाख रूपए की सहायता राशि का चेक सौंपा। इस राशि से कोरोना से संक्रमित और संदिग्ध मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर्स और अन्य स्टाफ के लिए तीन हजार पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्यूपमेंट (पीपीई) किट खरीदी जा सकेगी।
एयरपोर्ट डायरेक्टर अर्यमा सान्याल ने बताया कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज की डीन ने गुरूवार को एक पत्र के माध्यम से बताया था कि कोरोना महामारी किसी युद्ध से कम नहीं है और इस युद्ध में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रथम पंक्ति में हमारे सैनिक हमारे डॉक्टर्स, नर्स और पैरामेडिकल सपोर्ट स्टाफ हैं। जिनका जीवन और भविष्य इस स्थिति में काफी जोखिम में है। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए इससे लड़ रहे हेल्थकेयर कर्मियों के लिए पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्यूपमेंट किट ही एकमात्र बचाव साधन है।
इसमें एन-95 मास्क, फुल लेंथ गाउन, गॉगल्स, फेस शिल्ड बड्स कवर जैसी चीजें शामिल हैं। इस महामारी के तीसरे चरण में आने की स्थिति में इससे निपटने के लिए ऐसी तीन हजार पीपीई किट की जरूरत है, जिनकी अनुमानित कीमत 25 लाख है। एयरपोर्ट डायरेक्टर ने बताया कि डीन के इस पत्र के बाद तुरंत इसे गंभीरता से लेते हुए इस राशि को एयरपोर्ट के सीएसआर फंड से मंजूर किया गया था। शुक्रवार को संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी के समक्ष डीन को 25 लाख की राशि का चेक दिया गया। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट अथोरिटी आगे भी शहर के हित में हर संभव मदद के लिए तैयार है।
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