मध्यप्रदेश में बीजेपी को मिलेगी “हार्दिक-आनंद” चुनौती

इंदौर, नरेन्द्र मोदी के गढ गुजरात में उन्हीं के खिलाफ लडाई लडने वाले हार्दिक पटेल और मध्यप्रदेश में शिवराज के खिलाफ व्यापम घोटाला उजागर करने वाले डॉ आनंद राय को आज इंदौर में एक साथ देखा गया। ये दोनों ताकते एक हो गई तो आने वाले मध्यप्रदेश चुनाव में शिवराज की मुश्किले बढ सकती है। पटेल और राय की आज बंद कमरे में विस्तार से बीतचीत हुई। माना जा रहा है कि दोनो के बीच शिवराज सरकार को घेरने पर रणनीति तैयार हुई है।

मध्यप्रदेश में तीन दिनों से चुनावी बिगुल फूंकने वाले पाटीदार नेता हार्दिक पटेल अहमदाबाद लौटते वक्त इंदौर में रात्री विश्राम के लिए रुके थे। सोमवार की सुबह हार्दिक ने व्यापम घोटाला उजागर करने वाले डॉ आनंद राय से मुलाकात की। दोनों की करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में गुफ्तगु चलती रही। दोनों ने एक दूसरे के साथ सेल्फी ली। हार्दिक आने वाले दिनों में मध्यप्रदेश में ही अपना डेरा डालने वाले हैं। मध्यप्रदेश की 64 सीटों पर पाटीदार समाज का अच्छा खासा वोटबैंक है। ज्यादातर विधानसभा क्षेत्र गुजरात से सटे हुए हैं। हार्दिक ने हाल ही में मध्यप्रदेश के कई शहरों में सरकार के खिलाफ किसान क्रांति सम्मेलनों को संबोधित किया। मंदसौर में सरकार की गोली से मारे गए 6 किसानों की मौत के मुद्दे को हार्दिक पटेल ने किसान क्रांति सम्मेलन में सबसे बडा मुद्दा बनाया हैं। व्यापम से जुडे मुद्दे के तकनीकी पहलुओं को समझने के लिए आनंद राय को हार्दिक ने बुलाया था।

गौरतलब है कि डॉ आनंद राय और हार्दिक पटेल दोनों की पिछडी जातियों से आते हैं। ऐसे में यदि ये दोनों एक होकर सरकार के खिलाफ लडाई छेडेगें तो निश्चित तौर पर शिवराज के लिए ये गले की फांस साबित हो सकते हैं। पॉलिटिक्सवाला को मिली राय औऱ पटेल की सेल्फी तो यही कहानी बयां कर रही है कि दोनों के बीच शिवराज के खिलाफ खिचडी पकना शुरु हो गई है।

हार्दिक ने पाटीदार आंदोलन के बाद से ही नरेन्द्र मोदी के खिलाफ जंग छेड रखी है। तो ठीक इसी तरह मध्यप्रदेश में डॉ आनंद राय ने शिवराज के खिलाफ मुहीम छेड रखी है। व्यापम घोटाला उजागर करने के पीछे आनंद राय और उनकी टीम का ही हाथ है। हार्दिक को सरकार ने वाय केटेगिरी की सुरक्षा दे रखी है तो मध्यप्रदेश में रहने वाले राय को भी हाईकोर्ट के निर्देश पर राज्य सुरक्षा समिति ने हथियारबंद सुरक्षा मुहैया करा रखी है। राय सोशल मीडिया पर जबर्दस्त एक्टिव रहते हैं। सरकार की हर खामी और घोटालों को वे सुबह से लेकर रात तक सोशल मीडिया पर उजागर करते हैं। इसमें कोई शक नहीं है कि राय और पटेल दोनों के मिल जाने से शिवराज औऱ बीजेपी की मुश्किलें बढने के साथ कई सीटों पर भी प्रभाव पड सकता है।

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