अमित शाह को पुलिस हिरासत में भेजने वाले जस्टिस कुरैशी की नियुक्ति फिलहाल रुकी।


 

नई दिल्ली। जस्टिस एके कुरैशी की नियुक्ति फ़िलहाल रुक गई। केंद्र सरकार ने एक बार फिर कुरैशी की नई नियुक्ति के लिए समय मांगा है। त्रिपुरा हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की कॉलेजियम की सिफारिश पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से और समय मांगा है। इसी साल 10 मई 2019 को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस कुरैशी मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की थी।कॉलेजियम ने केंद्र को अब जस्टिस कुरैशी को त्रिपुरा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने को कहा है.केंद्र ने सिर्फ कुरैशी वाली सिफारिश छोड़कर सभी सिफारिशों को स्वीकार कर लिया था।मालूम हो कि जस्टिस कुरैशी ने ही सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले अभी के गृह मंत्री अमित शाह को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, ‘जस्टिस कुरैशी की नियुक्ति को लेकर कुछ प्रशासनिक औपचारिकताएं बाकी रह गईं हैं.’ इसके बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई सात नवंबर तक के लिए स्थगित कर दी.

बीते सितंबर महीने में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने अपने फैसले में संशोधन करते हुए जस्टिस अकील ए. कुरैशी को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की जगह त्रिपुरा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की थी। जस्टिस कुरैशी वर्तमान में बॉम्बे हाईकोर्ट के जज हैं। जस्टिस कुरैशी की नियुक्ति में देरी की वजह से गुजरात हाईकोर्ट अधिवक्ता संघ (जीएचसीएए) की जनहित याचिका दायर की और केंद्र के रवैये पर निराशा जताते हुए इस संबंध में जल्द कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।


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