तीन राज्यों में हार के बाद भाजपा अब सहयोगियों के निशाने पर है। अयोध्या में राम मंदिर को लेकर शिवसेना ने भी बीजेपी पर हमले तेज़ कर दिए हैं। अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को लेकर शिव सेना ने एक बार फिर एनडीए की अपनी सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा है. शिव सेना ने अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय में इस मुद्दे को एक और ‘जुमला’ बताते हुए लिखा है कि भाजपा अगर राम मंदिर के निर्माण का वादा पूरा नहीं करती तो उसे केंद्र की सत्ता से बाहर होना पड़ सकता है. शिव सेना का यह भी कहना है कि हाल के विधानसभा चुनावों में तीन राज्यों की सत्ता गंवाने के बावजूद भाजपा की नींद टूटी नहीं है.
सामना ने आगे लिखा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने राम मंदिर निर्माण को लेकर श्रीमद्भगवत गीता के उपदेशों के जरिये जो मार्गदर्शन दिया था भाजपा उससे भी कोई सीख नहीं ले रही. आखिर भाजपा की कुंभकर्णी नींद कब टूटेगी? इस संपादकीय में शिव सेना ने यह भी माना है कि खुद भाजपा के भीतर भी राम मंदिर बनाने को लेकर दबाव है. साथ ही पूरा देश चाहता है कि अयोध्या में मंदिर बने इसीलिए 2014 के लोकसभा चुनाव में लोगों ने भाजपा को समर्थन दिया था. इसके साथ शिव सेना ने यह सवाल उठाया है कि आखिर भगवान राम के ‘अच्छे दिन’ कब आएंगे?
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