महाकाल मंदिर से सिंधिया के जूते चोरी, चमकने वाली है किस्मत !


किसान-युवा आक्रोश रैली को हरी झंडी दिखाने पंहुचे सिंधिया इमोशनल अत्याचार

उज्जैन,महाकाल मंदिर पंहुचे मध्यप्रदेश कांग्रेस चुनाव समिति प्रमुख ज्योतिरादित्य सिंधिया के जूते चोरी होने की खबर आज सुर्खियों में रही। सिंधिया अपनी पत्नी प्रियदर्शनी राजे और बेटे महाआर्यमान के साथ सबसे पहले महाकाल मंदिर पंहुचे और यहां पूजा-अर्चना की। सिंधिया जब लौटकर आए तो उनके जूते नहीं मिले। सोशल मीडिया पर खबर फैलते ही चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। ज्योतिषियों के मुताबिक सिंधिया के जूते गुम होना शुभ संकेत माना जा रहा है। तो क्या सिंधिया के अच्छे दिन आने वाले हैं….क्या सिंधिया के लिए साल 2018 का मध्यप्रदेश चुनाव शुभ होगा।
महागुरु के नाम से मशहूर ज्योतिषाचार्य गौरव मित्तल के मुताबिक मंदिर से जूते गुम होना भले ही आर्थिक नुकसानदायक होता हो लेकिन ज्योतिष के मुताबिक मंदिर से जूते गुम जाना शुभ संकेत है। पैरों में शनि का वास होता है। जिनकी कुंडली में गृहों के दोष होते हैं उन्हें आसानी से सफलता प्राप्त नहीं होती। जूतों का चोरी हो जाना शनि के दान की तरह माना जाता है। इससे बूरे समय से छुटकारा मिल जाता है। जूते चोरी होने का मतलब है सारी आपदाओं का खत्म हो जाना। तो क्या सिंधिया के लिए भी उनके जूते चोरी होने के बाद अच्छे दिन की शुरूआत मान लिया जाए!

इसी तरह टीवी शो करने वाले ज्योतिष ब्रज मोहन सुरी का भी साफ कहना है कि जूते चोरी होने का मतलब है आने वाला समय अच्छा होगा। ज्योतिष एक गणना है। जूते चोरी होना भगवान के द्वारा दिए गए शुभ संकेतों में से एक है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया के जूते चोरी होने के वाकिये को लेकर पूरे दिन सोशल मीडिया सहित रैली में चर्चाओं का बाजार गर्म देखा गया। सिंधिया भी ज्योतिष में विश्वास रखते हैं। मंदिर से लौटने के बाद वे पास ही रहने वाले प्रख्यात ज्योतिषाचार्य पंचांग लिखने वाले पंडित आनंद शंकर व्यास से मिलन उनके घर पंहुचे। कुछ देर उनसे चर्चा के बाद सिँधिया रैली स्थल के लिए रवाना हुए।

सिंधिया ने मालवा के लोगो से खून का रिश्ता बताकर किया इमोशनल

उज्जैन में ज्योतिरादित्य सिँधिया ने रैली को संबोधित करते हुए मालवा के लोगों से अपने राजपरिवार के खून के रिश्ते बताए। सिँधिया ने कहा कि सिँधिया परिवार पर जब भी कोई संकट आता है तो मालवा के जनता का हुजूम परिवार के साथ इस घडी में शामिल हो जाता है। उनके पूर्वजों की तरह उन्होनें भी यह आधारशीला बनाई है कि भगवान ना करे लेकिन यहां कि जनता के साथ कोई दुख की घडी होगी तो ज्योतिरादित्य सिँधिया आपके साथ जरुर खडा होगा भले कोई नेता खडा हो या ना हो। यहां के नौजवानों और किसानों के साथ उनका खून का रिश्ता है। सिंधिया ने कहा कि मध्यप्रदेश को लेकर सरकार ने एक स्लोगन बनाया है ‘हिंदुस्तान का दिल देखो’.राज्य की साढ सात करोड जनता में बेहद क्षमता है लेकिन इस सरकार ने 14 सालों में मध्यप्रदेश को बेहाल कर दिया है। बलात्कार, शिशु मृत्युदर, मातृमृत्यु दर और कुपोषण में मध्यप्रदेश पूरे देश में एक नंबर पर आ गया है। प्रदेश की सभी नदियों को भाजपाईयों ने खोद खाया। माटी तक को नहीं छोडा। राजीव गांधी ने सत्ता का विकेन्द्रीकरण किया था लेकिन मोदी और शिवराज ने भ्रष्टाचार का विकेन्द्रीकरण कर दिया है। शिवराज सिंह ने नर्मदा सेवा यात्रा नहीं बल्कि सर्वे यात्रा की थी। नर्मदा को जगह-जगह से छलनी कर दिया। व्यापम घोटाले से मध्यप्रदेश की छबि खराब हो गई। 3 हजार मासूम नौजवानों को जेल में डाल दिया गया जबकि घोटाला करने वाले बीजेपी के नेता और जिम्मेदार बाहर मजे मे घुम रहे हैं। मध्यप्रदेश में लायक गरीबों को नौकरी नहीं मिलती यहां तो नालायाक अमीरों को नौकरी मिलती है।

सिंधिया ने शिवराज सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार ने उज्जैन में धर्म के कुंभ को भ्रष्टाचार का कुंभ बना दिया। 40 रुपए का मटका बीजेपी वालों ने एक हजार रुपए में खरीदा। सिँधिया ने कहा कि हिंदू धर्म किसी की बपौती नहीं है। सिँधिया ने किसानों की हालत पर भी शिवराज सरकार को जमकर कौसा। शिवराज सरकार को किसान विरोधी सरकार बताया। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी लागत के दाम नहीं मिल रहे। किसान अपनी मांगों को सरकार से मिलने जाते हैं तो उनकी छाती गोली से छलनी की जाती है और फिर एसी में उपवास पर बैठकर किसानों का उपहास उडाया जाता है।

सिंधिया ने मंच से ऐलान किया कि कांग्रेस की सरकार बनने पर किसानों को उनकी फसल का पैसा नगद दिया जाएगा।
ज्यातिरादित्य सिंधिया आज उज्जैन से शुरु हुई किसान-युवा आक्रोश रैली का शुभारंभ करने पंहुचे थे। इंदौर से सडक के रास्ते उज्जैन पंहुचे सिंधिया का जगह-जगह जोरदार स्वागत किया गया। उज्जैन शहर की सडकों पर पोस्टर-बैनर और होर्डिंग लगाए गए थे। किसान-युवा आक्रोश रैली पूरे मध्यप्रदेश में जाएगी। सिंधिया ने इस रैली के जरिए बकायदा चुनावी शंखनाद कर दिया। उन्होनें कहा कि नवंबर के महीने में होने वाले चुनाव में कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पंजे पर बटन दबा कर वोट देने की अपील की। रैली का मकसद शिवराज सरकार की जनविरोधी नीतियों को जनता के सामने लाना है।

 


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