बीजेपी के गुंडों से त्रस्त पूर्व सीएम की रिश्तेदार डॉक्टर ने दिया इस्तीफा


फेसबुक पर लिखी आपबीती, पुलिस ने नहीं लिखी रिपोर्ट
पूर्व मुख्यमंत्री श्यामाचरण शुक्ल की रिश्तेदार है डॉक्टर

जबलपुर, शिवराज सिंह सरकार के तमाम दावों बावजूद कानून व्यवस्था मध्यप्रदेश में सुधर नहीं रही. बीजेपी नेता और समर्थक गुंडई पर उतर आये हैं. पुलिस भी इनके आगे कुछ नहीं कर पाती है. प्रदेश में कई ऐसे मामले हैं, जिनमे पुलिस बीजेपी के नेताओं के खिलाफ रिपोर्ट नहीं लिखती है. ताज़ा मामला जबलपुर का है. सेठ गोविंददास जिला अस्पताल में पदस्थ रहीं एक लेडी डॉक्टर ने भाजपाईयों की गुंडागर्दी से परेशान होकर इस्तीफा दे दिया। लेडी डॉक्टर रचना शुक्ला ने इस्तीफा दे दिया है। डॉक्टर रचना मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय पंडित श्यामाचरण शुक्ल के भाई की पुत्रवधू है। उन्होंने अपना इस्तीफा फेसबुक पर शेयर किया है। रचना ने सिस्टम पर बडा सवाल खडा किया है।
रचना ने बताया कि अस्पताल में इलाज के दौरान भाजपा समर्थिक गुंडों ने उन्हे सरेआम गालियां दीं। इतनी गंदी कि शिकायत में भी उनका जिक्र नहीं किया जा सकता। इसके बाद जब वो पुलिस के पास पहुंची तो वहां भी गुंडों ने उन्हे धमकी दी। यहां तक कहा कि 10 लोग आकर आपकी इज्जत उतार देंगे। 3 महीने से डॉक्टर रचना लगातार कोशिश कर रहीं थीं कि कानूनी कार्रवाई हो, लेकिन जब कुछ नहीं हुआ तो अंतत: उन्होंने इस्तीफा दे दिया। डॉक्टर रचना शुक्ला ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है । डायरेक्टर फैमिली वेलफेयर और हेल्थ को भेजे अपने पत्र में उन्होंने जबलपुर में भाजपा के गुंडों के द्वारा उन्हें प्रताड़ित करने और उसके बावजूद पुलिस पर FIR दर्ज न करने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दिया है।
सेठ गोविंददास जिला अस्पताल में ड्यूटी के दौरान मरीज के कथित परिजनों के साथ आए गुंडों की अभद्रता के बाद पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की थी। ये वाकया 3 महीने पहले का है ।फेसबुक पर डाले अपने इस्तीफे में डॉ रचना ने लिखा है ” मैं और मेरा परिवार डॉक्टर ‘राजनीति’ और पुलिस से संबंधित हैं लेकिन अब तक FIR दर्ज नहीं की गई ……मैं सिस्टम से बहुत नाराज हूं और उसका जवाब मेरा इस्तीफा है” रचना के मुताबिक उन्हें ना केवल अस्पताल बल्कि थानों में भी 10 लोकल गुंडों ने धमकाया और कहा कि 10 लोग आकर आपकी इज्जत उतार देंगे ।इतना सब होने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की जिसके कारण यह इस्तीफा दिया है ।
मामला 5 फरवरी का है जब कैजुअल्टी में ड्यूटी कर रही रचना शुक्ला के पास एक बच्ची को लेकर परिजन पहुंचे थे और प्राथमिक उपचार के बाद उसे स्पेशलिस्ट को दिखाने की बात रचना ने कही थी। लेकिन परिजन भड़क गए और रचना को ही धमकाने लगे। साथ ही साथ काफी बदतमीजी की। इसकी शिकायत रचना ने पहले सीनियर से की और उसके बाद पुलिस से डॉक्टर प्रोटेक्शन एक्ट के तहत कार्रवाई करने की मांग की। लेकिन किसी ने एक न सुनी।
फेसबुक पर  लिखा डॉ रचना ने-
I was very angry .., yesterday afternoon.. and had decided..That I will not do MLC…But a MLC happened..A Bahu has beaten her father in law,with the help of 4_5 gundas and ,.. Paint ed his face with black ink…I felt very bad…I Immediately decided to do his MLC…He was very , broken not by physical assualt but the insult in market place… PERSON IS BROKEN WHEN HIS SELF RESPECT is hurt…He became hypertensive…MY DUTY AS A DOCTOR was first..So I dropped ,my stubbornness​ for not doing MLC… They why so much of apathy for Doctors…???

 


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