सांसदों की टिकट दावेदारी से मध्यप्रदेश बीजेपी के विधायक नाराज

भोपाल। मध्यप्रदेश भाजपा में टिकट के दावेदारों द्वारा हंगामा करने का दौर प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया के पहले ही तेज हो गया है. आज प्रदेश भाजपा कार्यालय पर पहुंचकर विधायकों ने अपने समर्थकों के साथ हंगामा किया. हंगामा करने वाले विधायकों का दर्द यह था कि उनके विधानसभा क्षेत्र से अब सांसद, विधायक का चुनाव लड़ ने के लिए दावेदारी कर रहे हैं.
प्रदेश भाजपा कार्यालय में आज राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल जहां टिकट वितरण के बाद बनने वाले हालात को रोकने के लिए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह, संगठन महामंत्री सुहास भगत के साथ पदाधिकारियों से चर्चा कर रहे थे, वहीं कार्यालय पर कुछ विधायक अपने समर्थकों के साथ पहुंचे और हंगााम करने लगे. आज भाजपा कार्यालय पहुंचे विधायकों में मोहन यादव, गोपाल परमार, केदार शुक्ला, सतीश मालवीय थे. इन विधायकों के साथ पहुंचे समर्थकों ने एक तरह से शक्ति प्रदर्शन किया. विधायकों ने अपनी दावेदारी तो की, मगर ये ज्यादा नाराज इस बात को लेकर थे कि उनके विधानसभा क्षेत्र से सांसद अपनी दावेदारी कर रहे हैं. इसके चलते उनके टिकट पर संकट आ खड़ा हुआ है. शुजालपुर से जसवंत सिंह हाड़ा के साथ भी उनके समर्थक आज कार्यालय पहुंचे, वे भी अपनी दावेदारी को मजबूत करने के लिए शक्ति प्रदर्शन कर रहे थे. शुजालपुर विधानसभा क्षेत्र से ही ऊर्जा विकास निगम के अध्यक्ष विजेन्द्र सिंह सिसोदिया के समर्थक भी विजेन्द्र सिंह के पुत्र देवेन्द्र सिंह के समर्थन में शक्ति प्रदर्शन कर रहे थे. माहौल अफरा-तफरी वाला मचा इसके बाद पदाधिकारियों ने शक्ति प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को समझाइश दी और शांत कराया. इस दौरान रामलाल बैठकें लेते रहे. बैठक जब खत्म हुई और चुनाव अभियान समिति के प्रमुख नरेन्द्र सिंह तोमर, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा, प्रदेश भाजपा के प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे बाहर निकले तो वे भी शक्ति प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं से घिर गए. हालांकि बाद में कार्यकर्ताओं ने इन्हें जाने दिया.
राघवजी ने मांगा बेटी के लिए टिकट
पूर्व वित्त मंत्री राघवजी पांच साल बाद प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे. उन्होंने प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह से मुलाकात कर विदिशा जिले की शमशाबाद विधानसभा सीट से बेटी ज्योति शाह को टिकट देने की मांग की है. शमशाबाद से वर्तमान में मंत्री सूर्यप्रकाश मीणा विधायक हैं. राघवजी ने पार्टी कार्यालय में अन्य नेताओं से भी मुलाकात की. वे करीब आधे घंटे तक कार्यालय में रहे. शमशाबाद विधानसभा सीट से पूर्व में राघवजी खुद विधायक रहे हैं, पिछले चुनाव में उनकी बेटी को विदिशा से टिकट देने की चर्चा थी, लेकिन तब राघवजी को यौन आरोपों की वजह से पाटी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था. करीब पांच साल बाद उनका भाजपा कार्यालय में पहुंचने से विदिशा भाजपा में हलचल मच गई है. प्रदेशाध्यक्ष से चर्चा के बाद राघवजी ने बताया कि राकेश सिंह उनके पुराने मित्र हैं, वे उनसे सामान्य चर्चा के लिए आए थे. साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि चर्चा के दौरान बेटी को शमशाबाद विधानसभा सीट से टिकट देने की मांग भी रखी गई.जिसके लिए प्रदेश नेतृत्व ने आश्वस्त भी किया है.

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