नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि मौजूदा वक्त में 10 लाख से ज्यादा भारतीय छात्र विदेश में पढ़ाई कर रहे हैं। यही नहीं 164 देशों के 50 हजार से अधिक छात्र भारत में पढ़ाई कर रहे हैं।
उन्होंने डिप्लोमेटिक कान्क्लेव 2021 को संबोधित करते हुए कहा कि इसी तानेबाने ने दुनिया के तमाम मुल्कों से भारत के संबंधों की मजबूत नींव रखी है।
वहीं विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में भारत में पढ़ने के लिए विदेशी छात्रों की संख्या में बड़ा इजाफा होगा।
ज्ञान अर्थव्यवस्था में शिक्षा की भूमिका को रेखांकित करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि शिक्षा की खोज भी भारतीयों के विदेश जाने के लिए एक शक्तिशाली प्रोत्साहन रही है।
इसने दुनिया भर में देश के मजबूत संबंधों की नींव रखी है। एस जयशंकर ने चंडीगढ़ विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित उच्च शिक्षा पर डिप्लोमैटिक कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। धर्मेंद्र प्रधान ने भी इस सम्मेलन को संबोधित किया।
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