इंदौर। इंदौर सांसद शंकर लालवानी घिरते दिख रहे हैं। अलग सिंधी राज्य की मांग करके इस सांसद ने देश तोड़ने का काम किया। लोकसभा में लालवानी ने कहा कि पाकिस्तान में सिंधी राज्य है, तो भारत में क्यों नहीं ? इसके साफ़ मायने है कि लालवानी सिर्फ जाति के राजनीति करना चाहते है।
सोशल मीडिया पर तेज़ी से ट्वीट हो रहा है कि खालिस्तान की मांग करनेवाले भिंडरवाला और शंकर लालवानी में क्या अंतर है। भिंडरवाला ने भी पंजाबियों के लिए अलग खालिस्तान की मांग की थी।
https://twitter.com/SuriAminul/status/1307225624927322117?s=20
क्या भाजपा में लालकृष्ण आडवाणी से आगे निकलने की होड़ में शंकर लालवानी ने ऐसा किया ? क्या भाजपा का इसमें उनको समर्थन है ? यदि समर्थन नहीं है तो प्रधानमंत्री लालवानी को कहें कि वे माफ़ी मांगे।
आखिर जनता के सभी वर्गों के वोट से जीता कोई जनप्रतिनिधि ऐसा बयान कैसे दे सकता है। कुछ लोग इसे इंदौर से मिले वोटों का अपमान भी बता रहे हैं। वे कह रहे है कि लालवानी अगला चुनाव सिंधी वोटों से ही जीत लें।
https://politicswala.com/2020/09/19/indore-shankarlalvani-saansad-sindhirajy/
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