पुराने चावल ..जनता के साथ पशुता का घोटाला एक अरब तक पहुंचा !


 

शिवराज … गुनाहों का देवता

मध्यप्रदेश में पशुओं के खाने जैसा चावल गरीबों को बांटने का सरकारी गुनाह बढ़ता ही जा रहा है अब तक 10 हजार 700 टन ख़राब चावल सील किया गया है

गरीबों को पशुओं वाला अनाज उस मुख्यमंत्री के सामने हुआ जो जनता  को अपनी देवता कहता है, जनता के साथ ऐसा गुनाह ?

दर्शक।
इंदौर। प्रदेश में अब तक के सबसे बड़े घोटाले की तरफ बढ़ता नजर आ रहा है चावल घोटाला। ये एक ऐसा घोटाला है जिसमे आर्थिक के साथ पशुता भी शामिल है। बालाघाट और मंडला के दो जिलों तक का ये मामला नहीं है। प्रदेश के कई जिलों में गरीबों को पशुओं के खाने लायक चावल बांटने के मामले सामने आये हैं।

गोदामों में पड़ी बोरियों की तस्वीरें देखकर आपको घबराहट होने लगेगी कि ऐसा चावल कोई कैसे खा सकता है। बालाघाट और मंडला जिले में गोदामों से 10 हजार 700 टन खराब चावल सील कर दिया गया है जिसकी कीमत लगभग 30 करोड़ रुपए है। मिलर्स, खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम और भंडार गृह निगम की मिलीभगत से इस खराब चावल को आगामी दिनों में गरीबों में बांटने की योजना थी। दोनों जिलों में ईओडब्ल्यू ने जांच शुरू कर दी है। अच्छे चावल की जगह खराब चावल खपाने का यह गोरखधंधा 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का हो सकता है।

रजनीति के पुराने चावल शिवराज सिंह  गरीब जनता से नजरें कैसे मिलाएंगे। आखिर कोई भी सरकार और उसके अफसर गरीबों को सिर्फ पशु कैसे समझ सकते हैं? शिवराज अपनी सभाओं में कहते हैं-जनता मेरी देवता, देवता के साथ ऐसा सलूक ?

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https://politicswala.com/2020/09/03/shivraj-sakaar-madhyaprdesh-cattlefeed-anaz/

प्रदेश के चावल उत्पादक जिलों रीवा, सतना, सीधी, सिवनी, शहडोल, उमरिया, मंडला, अनूपपुर, कटनी और नरसिंहपुर के वेयर हाउस कॉर्पाेरेशन और निजी गोदामों में रखे चावल की जांच के लिए 100 टीमें लगा दी गई हैं। जबकि भोपाल, सागर, शिवपुरी और भिंड भेजे गए घटिया चावल के सैंपल लेकर जांच कराई जा रही है।

एक दिन पहले शुक्रवार को बालाघाट में 4700 टन और जबलपुर में 6000 टन खराब चावल सील किया गया है। इन गोदामों से प्रदेश भर में जहां-जहां भी चावल गया, वहां जांच की जा रही है। खाद्य नागरिक एवं आपूर्ति विभाग के प्रमुख सचिव फैज अहमद किदवई ने इस मामले को लेकर सोमवार को खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम और भंडार गृह निगम के एमडी की बैठक बुलाई है।

सागर में 3500 क्विंटल चावल जानवरों के खाने लायक
सिवनी से दो रैक चावल के आए थे, जिनमें 14 हजार क्विंटल चावल था। शनिवार को इसकी जांच में 3500 क्विंटल चावल खराब मिला है। अगस्त के महीने में यह चावल आया था, लेकिन खराब होने की वजह से इसका अभी तक वितरण नहीं किया गया है। फिलहाल इसे सील कर दिया है।


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