आंकड़ों की हेराफेरी कहीं मोदी सरकार को ही बेरोजगार न कर दे !

भोपाल। युवाओं को रोजगार का वादा करने वाली सरकार इस मामले में पूरी तरह विफल दिख रही है। देश में बेरोजगारी की दर आज़ादी के बाद से सबसे ज्यादा है। कांग्रेस ने सरकार से कहा है कि वो बेरोजगारी के आंकड़ें जारी करे। आंकड़ें इतने कमजोर है कि मोदी सरकार उसको सार्वजनिक करने से भी बच रही है। सूत्रों के अनुसार सरकार नीति आयोग से इन आंकड़ों को दुरुस्त करवाने में लगी है। कैसे भी करके इन आंकड़ों की पॉलिश कर उन्हें चमकाने की तैयारी है। ऐसा पहली बार नहीं है जब सरकार ने आंकड़ों को अपने हिसाब से सेट कर लिया हो. पर इस बार कही आंकड़ों की ये हेराफेरी सरकार को ही बेरोजगार न कर दें.

बिजनेस स्टैंडर्ड ने राष्ट्रीय सैंपल सर्वे की एक रिपोर्ट के हवाले से आज यह खबर दी है कि बेरोजगारी की दर सर्वाधि है। . सोशल मीडिया पर जहां भाजपा समर्थकों ने इसे फर्जी बताया है तो वहीं विरोधियों ने इसके बहाने सरकार को घेरा है. इसके बहाने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ‘नमो’ (नरेंद्र मोदी) पर तंजभरा ट्वीट किया है, ‘नोमो (नो मोर) नौकरियां! फ्यूहरर (हिटलर) ने हर साल दो करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था. पांच साल बाद रोजगार निर्माण पर उनका लीक हुआ रिपोर्ट कार्ड राष्ट्रीय आपदा का खुलासा कर रहा है. 45 सालों में बेरोजगारी की दर सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है…’मोदी सरकार पर सरकारी आंकड़ों के साथ छेड़छाड़ कर उन्हें बेहतर दिखाने के आरोप लगते रहे हैं. वहीं आज इस खबर पर नीति आयोग ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि ये आंकड़े अभी फाइनल नहीं है. इन्हीं बातों के जिक्र के साथ सोशल मीडिया पर मांग की जा रही है कि सरकार को जल्द से जल्द रोजगार से जुड़े आंकड़े जारी करने चाहिए…

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