कमलनाथ के बाद गेहलोत सरकार के गिरने का वक्त आ गया ?


 

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत ने भाजपा पर उनके विधायकों को खरीदने की कोशिश का आरोप लगाया मध्यप्रदेश में पहले ही 22 कांग्रेसी विधायक इस्तीफा देकर नाथ सरकार गिरा चुके हैं, क्यों हर बार हॉर्स ट्रेडिंग
में कांग्रेसी विधायक बिकाऊ दिखते हैं ?

इंदौर … अब राजस्थान में कांग्रेसी विधायकों को खरीदने के आरोप लग रहे हैं। क्या कमलनाथ की तरह राजस्थान की गेहलोत सरकार भी गिर जायेगी। हालांकि अभी राजयसभा चुनाव को लेकर गुजरात के बाद अब भाजपा पर राजस्थान में कांग्रेस विधायकों की खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) के आरोप लग रहे हैं।

राज्यसभा चुनाव की तीन सीटों पर चुनाव से पहले राजस्थान में चुनावी गतिविधियों तेज होने के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि पार्टी के विधायक एकजुट हैं और वे किसी तरह के लोभ व लालच में नहीं आएंगे। गेहलोत ने ने भाजपा पर आरोप लगाया कि कुछ कांग्रेस विधायकों को 25 करोड़ रुपये तक की पेशकश की गयी। मध्यप्रदेश में भी कांग्रेसी विधायकों को 25 से 30 करोड़ की पेशकश की बात सामने आई थी।

जयपुर के दिल्ली राजमार्ग पर एक होटल में कांग्रेस व उसके समर्थक विधायकों की देर रात तक चली बैठक के बाद गहलोत ने कहा कि बैठक बहुत फलदायी रही और सब एकजुट होकर यहां से गए हैं।

गेहलोत ने कहा कि हमारे विधायक बहुत समझदार हैं वे समझ गए. उन्हें खूब लोभ लालच देने की कोशिश की गयी। यह हिंदुस्तान का एकमात्र राज्य है जहां एक पैसे का सौदा नहीं होत , यह इतिहास में कहीं नहीं मिलेगा।

मुझे गर्व है कि मैं ऐसी धरती का मुख्यमंत्री हूं जिसके लाल बिना सौदे के बिना लोभ लालच के सरकार का साथ देते हैं कि सरकार स्थिर रहनी चाहिए राज्य में।

राज्य के कुछ विधायकों को प्रलोभन दिए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा,’करोड़ों अरबों रुपये भेजे जा रहे हैं। सुन रहे हैं कि नकदी स्थानांतरित हो रही है जयपुर मैं। बांटने के लिए एडवांस देने की बातें हो रही हैं।

आप लीजिए दस करोड़ एडवांस ले लीजिए। बाद में दस और देंगे फिर पांच और देंगे। क्या हो रहा है. खुला खेल हो रहा है यहां पर।

गुजरात में कांग्रेस विधायकों से इस्तीफा दिलाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा,’ये पहले भी करते आए हैं गुजरात में। ये परंपरा इन्होंने ही डाली है। इसलिए मैं बार बार कहता हूं कि इनका कोई यकीन नहीं, लोकतंत्र में लोकतंत्र का मुखौटा पहन कर राजनीति कर रहे हैं।

इससे पहले विधानसभा में मुख्य सचेतक महेश जोशी ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में शिकायत दर्ज कराई कि राज्य सरकार को अस्थिर करने के लिए कांग्रेस व उसके समर्थक निर्दलीय विधायकों को प्रलोभन दिया जा रहा है।

जोशी ने एसीबी के महानिदेशक को भेजी शिकायत में कहा है,’ अति विश्वस्त सूत्रों से जानकारी मिली है कि कर्नाटक, मध्य प्रदेश व गुजरात की तर्ज पर राजस्थान में भी हमारे विधायकों व हमारा समर्थन कर रहे निर्दलीय विधायकों को भारी प्रलोभन देकर राजय की लोकतांत्रिक तौर से चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है।

जोशी ने इस तरह के लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है. हालांकि उन्होंने अपने पत्र में ऐसा प्रयास करने वाली किसी पार्टी या नेता का नाम नहीं लिया है।

एसीबी के महानिदेशक आलोक त्रिपाठी ने पत्र मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि शिकायत पर उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा ,’ शिकायत मिली है और इसकी जांच होगी।

 


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