दिग्विजय की पंगत में संगत जमेगी या होगा बाजीराव भोज !


दिग्विजय की पंगत में संगत जमेगी, या होगा बाजीराव भोज !
इंदौर। मध्यप्रदेश कांग्रेस में हमेशा से “पंगत लुटने ” का मुहावरा सटीक बैठता है. अब अगले चुनाव में कांग्रेस फिर पंगत लगाने जा रही है. इस पंगत की मेजबाजी करेंगे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह. नर्मदा की परिक्रमा से लौटे दिग्विजय अब कुर्सी की परिक्रमा में रमने वाले हैं. दिग्विजय के दिमाग और राजनीतिक शातिरता के आगे आज भी प्रदेश का कोई कांग्रेसी नेता नहीं निकल पाया है. अब दिग्विजय एकजुटता के लिए पंगत यात्रा निकाल रहे हैं. इस यात्रा में नेता,कार्यकर्त्ता साथ बैठकर जीमेंगे. अब पंगत की ये संगत कितना असर करेगी ये तो वक्त बतायेगा। पर कांग्रेस में हमेशा पंगत और भोज अंत में बाजीराव भोज साबित होता रहा है. बाजीराव भोज संघ के शिविरों की एक सांकेतिक भाषा है, जिसमे स्वयंसवेकों को बाजीराव की तरह युद्ध करते हुए भोजन हासिल
करना होता है. इस भोज में भोजन वही हासिल कर पाटा है जो ताकतवर होता है. खैर, कांग्रेस में टिकट और चुनाव दोनों ही भोज या पंगत लुटकर करने की परंपरा रही है. देखते है दिग्गी इस बार पंगत की संगत में क्या हासिल करते हैं.

नर्मदा परिक्रमा के बाद अब कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पूरे प्रदेश में राजनीतिक यात्रा कर ‘संगत में पंगत’ लगाएंगें। इस यात्रा का मकसद कांग्रेसियों के साथ त्रस्त जनता को एक जूट करना है। यात्रा का ब्लू प्रिंट तैयार कर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेज दिया गया है। संगठन से हरी झंडी मिलते ही यात्रा शुरु कर दी जाएगी।

दिग्विजय सिंह इंदौर में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। दिग्विजय सिंह ने अपनी नर्मदा परिक्रमा के संस्मरण को साझा किया। दिग्विजय सिंह आज प्रेस कान्फ्रेंस में पहले से ज्यादा गंभीर और धार्मिक रंग में दिखाई दिए। नर्मदा परिक्रमा के अनुभवों को सुनाते हुए दिग्विजसिंह कई बार भाव विभोर होते दिखाई दिए। नर्मदा परिक्रमा के पथ पर बसे गांवों के लोगों की सेवा भावना से अभिभूत दिग्विजयसिंह ने इसे अद्वितीय और अद्भुत बताया। नर्मदा नदी की मौजूदा हालत पर गहरा दुख जताते हुए दिग्विजयसिंह ने कहा कि रेत के अवैध उत्खनन से नर्मदा जी का जो हाल हुआ है उसे देखकर आंखों से आंसू निकल आते हैं। दिग्विजयसिंह ने कहा कि जो लोग उन्हे मुसलमान और ईसाई करार देते थे उन्होनें भी उनकी नर्मदा परिक्रमा में सहयोग और समर्थन दिया। उन्होने कहा कि वे धार्मिक हैं लेकिन डिंडौरा नहीं पिटते। उनकी मां से उन्हें ये संस्कार मिले हैं। उन्हे धार्मिकता को प्रमाणित करने के लिए किसी प्रमाणपत्र की जरुरत नहीं है। वे धार्मिक थे, हैं और रहेगें।

दिग्विजयसिंह ने आरोप लगाया कि उन्हे नर्मदा परिक्रमा के दौरान जाते वक्त 18 सौ किलोमीटर के किनारे पर नर्मदा किनारे साढे 6 करोड पौधों में से महज तीन पौधे ही दिखे जबकि लौटते वक्त उन्हें दिखाने के लिए 10 दिन पहले ही कुछ जगह पौधे लगाए गए। साढे 6 करोड पौधों में से एक फीसदी पौधे भी नहीं लगे हैं। पौधारोपण महज भ्रष्टाचार का जरिया है इससे ज्यादा कुछ नहीं। दिग्विजयसिंह ने इसका वीडियो होने का भी दावा किया।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि एआईसीसी और पीससी की मंजूरी के बाद वे सभी कार्यकर्ताओं को एकजूट करने के लिए एक यात्रा निकालेगें जिसका मकसद संगत में पंगत यानी एक साथ बैठकर भोजन करना है। इससे कार्यकर्ताओं और नाराज जनता को सरकार के खिलाफ एकजूट करना है। उन्होनें साफ किया कि मध्यप्रदेश में हर वर्ग सरकार से त्रस्त है। लोगों मे गुस्सा है। दिग्विजय सिंह ने यह भी साफ कर दिया कि उन्हे टिकट नहीं चाहिए, मंत्री या मुख्यमंत्री का पद नहीं चाहिए। मुख्यमंत्री का चेहरा कोई भी हो जरुरत इस बात की है कि पहले कांग्रेस पार्टी की सरकार बने।

मक्का मस्जिद ब्लास्ट फैसले के मामले में पूछे सवाल के जवाब में कहा कि उन्होनें कभी भी ‘भगवा आतंकवाद’ नहीं कहा उन्होनें संघीय आतंकवाद कहा था। भगवा आस्था और धर्म का प्रतिक है। दिग्विजय सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि अब इस तरह के सभी मामलो में आरोपित लोग बरी होते जाएगें। उन्होने कहा कि एनआईए के प्रोसिक्यूटर ने यह कहा था कि सरकार ने इन मामलों में ज्यादा हाथ ना डालने की हिदायत दी है।

दिग्विजय सिंह ने शिवराज सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्मयमंत्री शिवराज सिंह की शह के बिना नर्मदा नदी से रेत का अवैध उत्खनन नहीं हो सकता। शिवराज के गांव जैत से डेढ किलोमीटर दूर नर्मदा नदी में इतने बडे-बडे गड्ढे हो गए हैं कि दो हाथी एक के उपर एक भी खडे हो जाएं तो भी दिखाई नहीं देगें जबकि यहां खदान आवंटित ही नहीं की गई है। सिंह ने आरोप लगाया कि अभी तक रेत उत्खनन में शिवराज सरकार ने 54 करोड का अर्थदंड प्रस्तावित किया है। इनमें से महज 8 करोड लागू किया है जबकि वसूल सिर्फ 27 लाख ही किए गए हैं। पकडे गए डम्परों को भी राजसात किए जाने के बजाए छोड दिया गया। सिंधिया के चेहरे को सीएम उम्मीद्वार बनाए जाने के सवाल पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह फैसला राहुल गांधी करेगें। कांग्रेस को जिताने के लिए सबको एक करना होगा। शिवराज के सामने चेहरे की नहीं राजनीतिक विचार की जरुरत है।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि नर्मदा पर अब कोई बांध ना बने और सरकार न्यूनतम बहाव सुनिश्चित करे। उन्होने कहा कि दलित-सवर्णों में संघर्ष के पीछे सरकार में बैठे लोगों का योगदान है। कांग्रेस पार्टी हिंसा की विरोधी है।

 


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