नई दिल्ली। बीजेपी सांसद हेमा मालिनी ने महाराष्ट्र के मंत्री गुलाबराव पाटिल द्वारा सड़कों की तुलना गालों से किए जाने पर प्रतिक्रिया दी है।
हेमा मालिनी ने कहा कि ये ट्रेंड कुछ साल पहले लालूजी ने शुरू किया था, इसलिए सब लोगों ने इसे इस्तेमाल किया। अगर सामान्य लोग ऐसा बोलें तो समझ आता है, लेकिन अगर संसद के सदस्य ऐसा बोले तो ये ठीक नहीं है।
मंत्री के बयान पर विवाद : मंत्री गुलाबराव पाटिल के बयान पर विवाद भी खड़ा हो गया है। राज्य महिला आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए मंत्री से अपने बयान पर माफी मांगने को कहा था।
हालांकि आयोग की तरफ से मिली कानूनी कार्रवाई की चेतावनी के बाद पाटिल ने माफी मांग ली। महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने टिप्पणी का संज्ञान लिया था। उन्होंने पाटिल को सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
क्या है गुलाबराव पाटिल का बयान? : बता दें कि महाराष्ट्र के मंत्री और वरिष्ठ शिवसेना नेता गुलाबराव पाटिल ने सड़कों की तुलना हेमा मालिनी के गालों से की थी। उन्होंने जलगांव जिले के बोधवाड़ नगर पंचायत चुनाव के दौरान एक चुनावी बैठक को संबोधित करते हुए विवादित टिप्पणी की थी।
मंत्री ने कहा था, ‘जो 30 वर्षों तक विधायक रहे, उन्हें मेरे विधानसभा क्षेत्र में आकर सड़कों को देखना चाहिए। अगर ये हेमा मालिनी के गाल जैसी नहीं हैं तो मैं इस्तीफा दे दूंगा।’
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