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Chile President India Visit: दिल्ली । पहली बार भारत आए चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक ने पी एम मोदी की शान में जमकर कसीदे पढ़े। मानो कह रहे हों जो बात तुझमें है किसी और में नहीं।
Chile President India Visit: बोरिक 5 दिवसीय भारत की यात्रा पर आए हैं। पहली बार भारत आए बोरिक का पीएम मोदी ने हैदराबाद हाउस में स्वागत किया। राष्ट्रपति बोरिक ने राष्ट्रपति भवन में अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी दुनिया के हर नेता से बात कर सकते हैं। वे आजकल एक महत्वपूर्ण भू राजनीतिक खिलाड़ी (Geopolitical player) हैं।
एक महत्वपूर्ण ‘जियोपॉलिटिक्स खिलाड़ी हैं मोदी’
राष्ट्रपति बोरिक ने अपने संबोधन में कहा,’ पीएम मोदी आजकल आपकी स्थिति ऐसी है कि आप विश्व के हर नेता से बात कर सकते हैं। आप ट्रंप, जेलेंस्की, यूरोपीय यूनियन, ग्रीस या ईरान में लैटिन अमेरिकी नेताओं का समर्थन कर रहे हैं। यह ऐसी बात है जो अब कोई दूसरा नेता नहीं कह सकता। इसलिए आप आजकल जिओ पोलिटिकल माहौल में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं। ‘
चिली-भारत संबंध
चिली के राष्ट्रपति ने भारत आने पर उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत के लिए आभार भी जताया। उन्होंने कहा,’ मैं यहां मिले गर्मजोशी से भरे स्वागत के लिए आपको धन्यवाद देना चाहता हूं। पिछले 16 सालों से चिली से कोई भी भारत नहीं आया और इन 16 सालों में भारत बहुत बदल गया है। ‘ उन्होंने चिली और भारत के संबंधों को और मजबूत करने के लिए भी कहा।
भारत के साथ बनाएंगे मजबूत रिश्ता
बोरिक ने कहा,’ चिली एक ऐसा देश है जो दुनिया से जुड़ा हुआ है और अब हम भारत के साथ अपने संबंधों को और बेहतर बनाना चाहते हैं। आज हमने कई सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए हैं। ‘ बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार 1 अप्रैल 2025 को राष्ट्रपति भवन में चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक फॉन्ट के सम्मान में भोज का आयोजन किया था।
मोदी के निमंत्रण पर आए भारत
भारत-चिली के बीच राजनयिक संबंधों के 76 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक फॉन्ट 1-5 अप्रैल 2025 तक भारत की यात्रा पर हैं। वह पीएम मोदी के निमंत्रण पर भारत आए हैं। उनके साथ कृषि, खनन, विदेश, कला और विरासत मंत्री समेत कई बड़ अधिकारी और काफी संख्या में व्यापारिक नेता भी भारत आए हैं। राष्ट्रपति बोरिक नई दिल्ली के अलावा, मुंबई, आगरा और बेंगलुरु भी जाएंगे।
क्या है जियोपॉलिटिक्स
अन्तरराष्ट्रीय राजनीति तथा अन्तरराष्ट्रीय सम्बन्धों पर भूगोल के प्रभावों का अध्ययन भूराजनीति (geopolitics) कहलाती है। दूसरे शब्दों में, भूराजनीति, विदेश नीति के अध्ययन की वह विधि है जो भौगोलिक चरों ( चरों के ज़रिए किसी स्थान की प्राकृतिक और मानव निर्मित विशेषताओं का पता चलता है। भौगोलिक चरों का इस्तेमाल, किसी स्थान के भौगोलिक अध्ययन में किया जाता है) के माध्यम से अन्तरराष्ट्रीय राजनैतिक गतिविधियों को समझने, उनकी व्याख्या करने और उनका अनुमान लगाने का कार्य करती है।
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