Minister Aidal Singh Kansana: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में अवैध रेत खनन और परिवहन का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। बीती रात वन विभाग की टीम ने चंबल नदी से अवैध रूप से रेत ले जा रहे एक डंपर को पकड़ा।
जांच के दौरान चालक ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि यह डंपर राज्य के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के बेटे का है। इस घटना के बाद कांग्रेस सरकार पर हमलावर हो गई, जबकि मंत्री का परिवार इसे साजिश करार दे रहा है।
डंपर जब्त, चालक के खुलासे से बढ़ा विवाद
गुरुवार देर रात वन विभाग की टीम ने चंबल नदी के पास गश्त के दौरान एक डंपर को रोका, जो अवैध रूप से रेत ले जा रहा था। अधिकारियों ने जब चालक से पूछताछ की तो उसने बताया कि यह डंपर बंकू कंसाना का है, जो हर दिन इसे रेत ढोने के लिए इस्तेमाल करता था। चालक दीवान के अनुसार, उसे प्रतिदिन इस काम के बदले 1000 रुपये मिलते थे। उसने यह भी बताया कि वह पिछले दस दिनों से लगातार यह काम कर रहा था।
डंपर पर ‘एसएस कंसाना’ और ‘बंकू’ लिखा हुआ था, साथ ही दो मोबाइल नंबर भी अंकित थे। वन विभाग की टीम ने डंपर को जब्त कर लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। वन विभाग के एसडीओ भूरा गायकवाड़ ने कहा कि हम किसी के प्रभाव में नहीं आएंगे। अवैध रेत खनन को लेकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल ये पता किया जा रहा है कि डंपर का असली मालिक कौन है।
बंकू कंसाना का इनकार, साजिश का आरोप
इस मामले में कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के बेटे बंकू कंसाना ने खुद को निर्दोष बताया और कहा कि यह डंपर उनका नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर उनका नाम घसीट रहे हैं।
बंकू ने कहा, इस डंपर से मेरा कोई लेना-देना नहीं है, न ही मैं इस ड्राइवर को जानता हूं। वीडियो में कुछ लोग ड्राइवर पर मेरा नाम लेने का दबाव बना रहे हैं। जांच से पता चला कि यह डंपर कैलारस के जंडेल सिंह कुशवाह का है। मैं रेत का व्यापार नहीं करता और यह एक राजनीतिक साजिश है।” उन्होंने यह भी कहा कि उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं और वे इस मामले में मानहानि का दावा करने की तैयारी कर रहे हैं।
कांग्रेस का हमला, सरकार बैकफुट पर
इस घटना के बाद कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर ड्राइवर का वीडियो पोस्ट कर लिखा, “रेत माफिया को पेट माफिया कहने वाले मंत्री का बेटा भी रेत की माफियागिरी से पेट पाल रहा है। जब मंत्री का घर ही रेत से चल रहा हो, तो पुलिस कार्रवाई कैसे करेगी?”
वहीं मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में अवैध खनन चरम पर है और सरकार रेत माफियाओं को संरक्षण दे रही है। उन्होंने कहा कि मुरैना में वन विभाग ने जिस डंपर को पकड़ा, वह मंत्री के बेटे के प्लांट पर जा रहा था। ड्राइवर ने खुद कबूला कि वह मंत्री के बेटे के कहने पर ट्रक चला रहा था। रेत माफिया न केवल अवैध खनन कर रहे हैं, बल्कि पुलिस और प्रशासन को भी चुनौती दे रहे हैं।
पुराना रिकॉर्ड: पहले भी लग चुके हैं आरोप
कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना और उनके परिजनों पर पहले भी अवैध रेत खनन से जुड़े आरोप लग चुके हैं। तीन साल पहले बंकू कंसाना पर राजस्थान के धौलपुर में पुलिस से ट्रक छुड़ाने का केस दर्ज हुआ था। इसके अलावा, उनके नाती केपी कंसाना पर भी सीबीआई में केस दर्ज हो चुका है। कुछ समय पहले विधानसभा सत्र के दौरान कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने मुरैना में रेत माफिया की मौजूदगी को नकारते हुए कहा था कि यहां कोई रेत माफिया नहीं है, ये पेट माफिया हैं जो पेट पालते हैं, यह लोग अपनी आजीविका चला रहे हैं।
बता दें मध्य प्रदेश के कई जिलों में अवैध रेत खनन की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इससे पहले शहडोल में मई 2024 में एक सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) महेंद्र बागरी को रेत माफियाओं ने ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला था। शहडोल में ही नवंबर 2023 में एक और घटना हुई थी, जिसमें पटवारी प्रशन्न सिंह को भी रेत माफिया ने ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला था। इसी तरह शाजापुर में साल 2023 में एक महिला खनन निरीक्षक और होमगार्ड्स पर हमला हुआ था। इन घटनाओं से पता चलता है कि रेत माफिया सिर्फ अवैध खनन नहीं कर रहा है उन्हें न पुलिस न किसी कार्रवाई का खौफ है। BJP सरकार के संरक्षण में रेत माफिया बेखौफ चंबल नदी को लूट रहे हैं।
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