इंदौर। लॉकडाउन ने प्रदुषण तो कम किया ही मौसम भी सामान्य होता दिख रहा है। इस बार देश के कई शहरों में तापमान कम रहा। भीषण गर्मी में थोड़ी राहत रही। इंदौर में पिछले आठ सालो में सबसे कम गर्म रहा मई का महीना। इस साल मई में अधिकतम तापमान सर्वाधिक 42.4 डिग्री तक ही पहुंचा। तापमान ज्यादा ना बढ़ने का एक बड़ा कारण लॉक डाउन भी बताया जा रहा है, क्योंकि लॉक डाउन के कारण उद्योगों और वाहनों का संचालन बंद रहा, जिससे तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई।
मौसम विभाग के मुताबिक इस वर्ष अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री तक पहुंचा जो 24 और 25 मई को रिकार्ड किया गया। इससे पहले पिछले 10 सालों में सबसे कम अधिकतम तापमान वर्ष 2012 में रिकार्ड किया गया था, जब मई में पारा 42 डिग्री तक ही पहुंचा था। 2012 के अलावा शेष नौ सालों में मई का अधिकतम तापमान कभी भी 42.5 डिग्री से नीचे नहीं गया है।
इंदौर मौसम केंद्र के सहायक मौसम वैज्ञानिक विवेक छालोत्रे ने बताया कि साल में सर्वाधिक गर्मी आमतौर पर मई माह में ही दर्ज होती है। इस साल अधिकतम तापमान पिछले सालों की तुलना में ज्यादा नहीं रहा। हालांकि यह अंतर बहुत कम है। लेकिन गर्मी के कम होने का एक बड़ा कारण लॉक डाउन भी रहा है, क्योंकि लॉक डाउन के दौरान सभी उद्योग, कारखानों और वाहन तक बंद रहे हैं। इसके कारण ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन कम हुआ। इसके कारण भी तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई।
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