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‘द हिंदू’ की रिपोर्ट है कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार (10 जून 2025) को बताया कि सरकार एयर कंडीशनरों (एसी) के डिफॉल्ट तापमान को 20 से 28 डिग्री सेल्सियस के दायरे में मानकीकृत करने के लिए एक ढांचा तैयार कर रही है.
इसमें वाहन एसी भी शामिल होंगे. उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस विषय पर एसी निर्माता कंपनियों और विभिन्न राज्य सरकारों से बातचीत चल रही है. “विचार-विमर्श जारी है और इसके पूरा होते ही दिशा-निर्देश अंतिम रूप से तय किए जाएंगे. कुछ राज्यों ने अनुरोध किया है कि उनके यहां की नमी (ह्यूमिडिटी) को ध्यान में रखा जाए,”
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उन्होंने कहा. हालांकि उन्होंने और कोई विवरण साझा नहीं किया. जब उनसे पूछा गया कि क्या यह नियम कारों के एयर कंडीशनरों पर भी लागू होगा, तो मंत्री ने बताया कि सरकार वाहन निर्माताओं से भी इस पर बात कर रही है. यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब भारत की पीक पावर डिमांड (अधिकतम बिजली मांग) बढ़ती जा रही है और 9 जून को 241 गीगावॉट तक पहुंच गई थी.
ऊर्जा सचिव पंकज अग्रवाल ने बताया कि इस कदम का मकसद देश में ऊर्जा दक्षता (एनर्जी एफिशिएंसी) को बढ़ाना है. उन्होंने कहा — “तापमान को केवल 1 डिग्री बढ़ाने से लगभग 6% बिजली की बचत होती है. देश में करोड़ों एसी हैं और हर साल लाखों नए जोड़े जा रहे हैं,
ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इससे कितनी ऊर्जा की बचत हो सकती है.” ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE), जो ऊर्जा मंत्रालय के अधीन कार्य करता है, 20 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच डिफॉल्ट एसी तापमान को तय करने के लिए मसौदा तैयार कर रहा है
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