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Biggest player digital media-नई दिल्ली। डिजिटल मीडिया ने पहली बार टेलीविज़न को पीछे छोड़ते हुए भारतीय मीडिया और मनोरंजन (M&E) उद्योग का सबसे बड़ा खिलाड़ी बनकर 2024 में 32% हिस्सेदारी हासिल कर ली। फिक्की-ईवाई मीडिया एंड एंटरटेनमेंट रिपोर्ट 2025 के अनुसार, भारत का M&E सेक्टर 2024 में 3.3% की वृद्धि के साथ ₹2.5 ट्रिलियन तक पहुंचा और 2025 में इसके ₹2.68 ट्रिलियन तक बढ़ने की उम्मीद है। इस तरह भारतीय मनोरंजन उद्योग का सबसे बड़ा खिलाड़ी बना डिजिटल मीडिया।
डिजिटल मीडिया की तेज़ रफ्तार
डिजिटल मीडिया ने भारतीय मनोरंजन उद्योग में सभी को पीछे छोड़ दिया है। डिजिटल मीडिया ने 2024 में ₹80,200 करोड़ का राजस्व अर्जित किया, जबकि टेलीविज़न का राजस्व ₹67,900 करोड़ रहा। रिपोर्ट में बताया गया कि महामारी से पहले की तुलना में M&E सेक्टर 30% की वृद्धि कर चुका है, लेकिन टेलीविज़न, प्रिंट और रेडियो अब भी 2019 के स्तर से पीछे हैं।
डिजिटल विज्ञापन क्षेत्र ने 17% की बढ़त के साथ ₹70,000 करोड़ का आंकड़ा छू लिया, जो कुल विज्ञापन राजस्व का 55% है। इसमें सर्च और सोशल मीडिया विज्ञापन में 11% और ई-कॉमर्स विज्ञापन में 50% की वृद्धि देखी गई, जिससे यह सेगमेंट ₹14,700 करोड़ तक पहुंच गया।
डिजिटल सब्सक्रिप्शन सेगमेंट ने भी 15% की वृद्धि दर्ज की और ₹10,200 करोड़ तक पहुंच गया। भारत में पेड वीडियो सब्सक्रिप्शन 2024 में 1.11 करोड़ बढ़कर 11.1 करोड़ हो गया, जिससे 4.7 करोड़ घरों में ओटीटी सेवाएं पहुंचीं। नेटफ्लिक्स, अमेज़न प्राइम और JioHotstar जैसी स्ट्रीमिंग सेवाओं ने ज्यादा क्षेत्रीय कंटेंट जोड़ा, हालांकि ओरिजिनल प्रोडक्शन में गिरावट आई और फिल्मों की खरीद भी कम हो गई।
ईवाई इंडिया के M&E प्रमुख आशीष फेरवानी ने कहा, “डिजिटल मीडिया ने कंटेंट निर्माण, वितरण और कमाई के मॉडल को पूरी तरह बदल दिया है।”
फिल्म इंडस्ट्री को 2024 में झटका लगा, क्योंकि इसका राजस्व 5% गिरकर ₹18,700 करोड़ रह गया। देश में 1,600 से अधिक फिल्में रिलीज़ हुईं, लेकिन टिकट की ऊंची कीमतों और दमदार कंटेंट की कमी के चलते दर्शकों की संख्या घटी।
केवल 11 हिंदी फिल्मों ने ₹100 करोड़ से अधिक की कमाई की, जबकि 2023 में यह संख्या 17 थी। ओटीटी और सैटेलाइट अधिकारों की कीमतें भी 10% तक घटीं, क्योंकि प्लेटफॉर्म्स ने खर्चों में कटौती शुरू कर दी।
टेलीविज़न : अब भी दमदार, लेकिन दबाव में
टेलीविज़न उद्योग अब भी मजबूत बना हुआ है, लेकिन राजस्व में गिरावट आई है। विज्ञापन राजस्व 6% घटा, जबकि पेड टीवी ग्राहकों की संख्या में 60 लाख की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, फ्री टीवी और कनेक्टेड टीवी (इंटरनेट से जुड़ा टीवी) की संख्या 2024 में बढ़कर 3 करोड़ हो गई।
सिनेमाघरों के लिए कठिन दौर
फिल्म इंडस्ट्री को 2024 में झटका लगा, क्योंकि इसका राजस्व 5% गिरकर ₹18,700 करोड़ रह गया। देश में 1,600 से अधिक फिल्में रिलीज़ हुईं, लेकिन टिकट की ऊंची कीमतों और दमदार कंटेंट की कमी के चलते दर्शकों की संख्या घटी।
केवल 11 हिंदी फिल्मों ने ₹100 करोड़ से अधिक की कमाई की, जबकि 2023 में यह संख्या 17 थी। ओटीटी और सैटेलाइट अधिकारों की कीमतें भी 10% तक घटीं, क्योंकि प्लेटफॉर्म्स ने खर्चों में कटौती शुरू कर दी।

ऑनलाइन गेमिंग पर जीएसटी का असर
2024 में ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री को भी झटका लगा। ट्रांजेक्शन-आधारित गेमिंग का ग्रोथ धीमा हो गया, क्योंकि सरकार ने खिलाड़ियों की जमा राशि पर 28% जीएसटी लागू कर दिया। इसके कारण कई खिलाड़ी अवैध विदेशी गेमिंग साइट्स की ओर मुड़ गए। हालांकि, कैजुअल गेमिंग सेगमेंट में 16% की वृद्धि देखी गई, जिससे ऑनलाइन गेमिंग उद्योग का कुल संकुचन सिर्फ 2% रहा।
संगीत, प्रिंट और हॉलीवुड
म्यूजिक स्ट्रीमिंग : पेड सब्सक्रिप्शन 70 लाख से बढ़कर 1.05 करोड़ हो गया, क्योंकि Spotify और JioSaavn ने मुफ्त स्ट्रीमिंग को हतोत्साहित किया।
समाचार मीडिया : पेड न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स की ग्रोथ धीमी रही और केवल 31 लाख सब्सक्रिप्शन ही दर्ज किए गए।
प्रिंट मीडिया : प्रिंट इंडस्ट्री अब भी भारत में मजबूत बनी हुई है। 2024 में इसके विज्ञापन राजस्व में 1% की मामूली वृद्धि हुई।
हॉलीवुड और VFX : हॉलीवुड में 2024 की लेखक हड़ताल का असर भारत के एनीमेशन और VFX उद्योग पर भी पड़ा, जिससे इस सेगमेंट का राजस्व 9% गिर गया।
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