दिल्ली हाईकोर्ट ने भाजपा नेता शाज़िया इल्मी पर तथ्यों को छुपाने के लिए 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
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Rajdeep-Shazia war-दिल्ली। ‘बार एंड बेंच’ की रिपोर्ट है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने भाजपा नेता शाज़िया इल्मी पर तथ्यों को छुपाने के लिए 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना इल्मी द्वारा ‘इंडिया टुडे’ के पत्रकार राजदीप सरदेसाई के खिलाफ दायर मानहानि मामले में लगाया गया है।
इल्मी ने सरदेसाई के खिलाफ कोर्ट का रुख किया था, जिसमें उन्होंने एक्स (पहले ट्विटर) पर एक वीडियो को लेकर की गई उनकी टिप्पणी को लेकर आपत्ति जताई थी। यह वीडियो उस समय का था जब इल्मी ‘इंडिया टुडे’ के एक डिबेट शो से बाहर निकल चुकी थीं। 27 जुलाई 2024 को, ‘इंडिया टुडे’ चैनल के प्राइमटाइम शो “पॉलिटिक्स ओवर कारगिल विजय दिवस” पर हुई बहस के बाद, इल्मी और सरदेसाई के बीच एक्स पर बहस छिड़ गई। सरदेसाई ने एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें इल्मी को अपने घर पर माइक उतारते हुए दिखाया गया था।
अगस्त 2024 में, अदालत ने सरदेसाई को अपने व्यक्तिगत अकाउंट से यह वीडियो हटाने का आदेश दिया था। अब, अदालत ने इस अंतरिम आदेश की पुष्टि कर दी है और कहा है कि जब इल्मी शो छोड़ चुकी थीं, तब रिकॉर्डिंग जारी रखना उनकी निजता के अधिकार का उल्लंघन था, इसलिए यह वीडियो ऑनलाइन नहीं रह सकता। हालांकि, जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने इल्मी के इस आरोप को खारिज कर दिया कि इस वीडियो से उनकी मर्यादा को ठेस पहुंची है।
अदालत ने यह भी कहा कि इल्मी को यह कहने का कोई अधिकार नहीं था कि वीडियो बनाने वाला पत्रकार “विकृत मानसिकता” और “कामुक” था। साथ ही, कोर्ट ने वीडियो के छेड़छाड़ किए जाने के आरोप को भी निराधार बताया। अदालत ने यह भी पाया कि सरदेसाई का यह कहना कि “इल्मी ने माइक पटक दिया” और “वीडियो पत्रकार को अपने घर से बाहर फेंक दिया”, यह अनुचित था। लेकिन कोर्ट ने उनके ट्वीट के अन्य अंश जैसे “हमारे पत्रकार का अपमान किया” और “गलत व्यवहार का कोई बहाना नहीं” को हटाने से इनकार कर दिया, क्योंकि उन्हें कुछ हद तक तर्कसंगत माना गया। इसके अलावा, कोर्ट ने यह पाया कि इल्मी ने विवादित बातचीत में शामिल दो ट्वीट्स की जानकारी छुपाई थी, जिसके कारण उन पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
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