भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बालाघाट एवं मंडला जिलों में ख़राब चावल बांटने के मामले में दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए है। उन्हें साफ हिदायत भी है कि राशन, खाद आदि की गड़बड़ी अथवा कालाबाजारी करने वालों को बिल्कुल नहीं बख्शा जाएगा तथा उन पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रकरण में बालाघाट एवं मंडला जिलों के चावल की गुणवत्ता कार्य के लिए जिम्मेवार गुणवत्ता नियंत्रकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। बालाघाट के जिला प्रबंधक को निलंबित कर दिया गया है। संबंधित मिलर्स के खिलाद्य एफ.आई.आर. दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। जांच में इन दो जिलों के चावल के 57 सैम्पल मानक गुणवत्ता के नहीं पाए गए हैं।
51 दलों ने 1021 सैम्पल लिए
चावल की गुणवत्ता के परीक्षण के लिए भारतीय खाद्य निगम एवं खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के 51 संयुक्त दल बनाए गए, जिन्होंने दोनों जिलों से चावल के 1021 सैम्पल लिए। प्रारंभिक जांच के परिणाम स्वरूप इनमें से 57 सैम्पल निर्धारित गुणवत्ता विहीन पाए गए।
मिलर से गुणवत्ता युक्त चावल प्राप्त किए जाएंगे
राज्य की कस्टम मिलिंग नीति में उल्लेखित प्रावधान अनुसार मिलर द्वारा कस्टम मिलिंग उपरान्त दिए गये निम्न गुणवत्ता के चावल मिलर को वापस कर मानक गुणवत्ता के चावल प्राप्त किए जाएंगे।
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