आखिर दिग्विजय के सवाल पर इतना गुस्सा क्यों?


क्या पाक में भारतीय पायलट अभिनन्दन की रिहाई की मांग करने वालों को आप देशद्रोही कहेंगे। ?
(सूचना -इस पूरी खबर को सीधे-सीधे एक सैद्धांतिक मत के तौर पर देखा जाए, इसका किसी राजनीतिक दल या नेता से कोई लेनादेना नहीं है)

भोपाल। दिग्विजयसिंह ने एयर स्ट्राइक पर सबूत मांगकर पूरा संडे अपने नाम कर लिया। पूरा मीडिया दिग्विजय के बयान पर दौड़ रहा है। सोशल मीडिया पर उन्हें अपशब्द कहे जा रहे हैं। वे खूब ट्रोल हो रहे हैं। देशभक्ति और देशद्रोही के विशेषण गढ़े जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिग्विजय सिंह की अचानक तुलना होने लगी। इस सारे खेल में दिग्विजय बाज़ी मार ले गए। बाकि लोग खम्भा ही नोचते रहे। अब वे मोदी के सामने हैं, और पूरे देश में सुने, जा रहे हैं। क्या सही और सैद्धान्तिक बात कहना देशद्रोह है। इससे बेहतर हमें पाकिस्तान से सीखना चाहिए। वहां की जनता ने उस सैन्य शासन वाले देश में भी खुलेआम सड़कों पर जुलुस निकालकर भारतीय पायलट अभिनन्दन की रिहाई की मांग की। क्या हम भारत में ऐसे किसी पाकिस्तानी फौजी की रिहाई का जुलुस निकाल सकते हैं। ऐसा कोई भाषण दे सकते हैं। नहीं। यदि हम ऐसा करेंगे तो हमारे घर फूंक दिए जाएंगे।

अब, मूल मुद्दे पर आते हैं। आखिर दिग्विजय ने ने एयर स्ट्राइक के सबूत मांगकर क्या गलत किया ? उनका पूरा भाषण सुनिए। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार अमेरिका जैसे सबूत तैयार रखे, और वक्त आने पर उसे दुनिया को दिखाए। ठीक है। दुनिया के तमाम मंचों और अदालतों पर सबूत जरुरी होते है। वहां देशभक्ति के जोश की गवाही नहीं चलेगी। दिग्विजय ने ये बिलकुल नहीं कहा कि सबूत फौरन दिखायें जाए और भारत या कांग्रेस को दिखाए जाए। उन्होंने साफ़-साफ़ शब्दों में कहा है कि सरकार सबूत तैयार रखे ताकि सही वक़्त पर अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर उन्हें रखा जा सके। अब इस बात को देशद्रोह कहकर आप अपनी देशभक्ति मजबूत करते हैं, वोट बढ़ाने, बूथ मजबूत करने में इस्तेमाल करते हैं। तो कोई क्या करे।

आखिर देश ने पिछले 15 दिनों में साठ से ज्यादा जवानों की शहादत देखी है। इस शहादत पर किसी का कोई सवाल है। पर शहादत को आगे भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ सम्मान मिले, इसकी चिंता तो हमें करनी ही चाहिए। आखिर क्यों हमारे जवान सीमाओं पर जान गंवाते हैं, क्या आपकी राजनीती चमकाने। सरकारें बनवाने,गिराने के लिए उनका उपयोग होना चाहिए। क्यों हम किसी मंच पर जब हमारा पायलट पाकिस्तान के कब्जे में हो ये कहते हैं कि पायलट प्रोजेक्ट पूरा हुआ, अब रियल करेंगे। दिग्विजय और मोदी सहित तमाम नेताओं को देशप्रेम का पाठ देश को और सेना को पढ़ाने की जरुरत नहीं है।


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