गोवा में ममता से आगे केजरीवाल
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गोवा में ममता से आगे केजरीवाल

BJP के गढ़ में सेंधमारी कर रहे केजरीवाल

पणजी। गोवा की पॉपुलेशन करीब 16 लाख है। एरिया के लिहाज से ये भारत का सबसे छोटा, तो पॉपुलेशन के मामले में चौथा सबसे छोटा राज्य है। 10 साल से यहां BJP की सरकार है, लेकिन इस बार BJP के इस गढ़ में सेंधमारी करने के लिए अरविंद केजरीवाल की पार्टी ‘आप’ और ममता बनर्जी की पार्टी ‘TMC’ पूरी ताकत लगा रही है।

केजरीवाल तो लगातार गोवा की विजिट पर हैं, जबकि ममता ने भी कुछ ही दिनों पहले दो दिन गोवा में बिताए, लेकिन जो वो चाहती थीं, वो गोवा में हो नहीं पाया।

ममता की विजिट के दौरान TMC की कोशिश गोवा फॉरवर्ड पार्टी के अध्यक्ष विजय सरदेसाई को पार्टी में शामिल करने की थी।

बाद में गठबंधन की बात भी हुई, लेकिन न ही वे TMC में शामिल हुए और न ही उन्होंने गठबंधन किया। सिर्फ ममता बनर्जी से मुलाकात की।

अब खबर है कि उनका कांग्रेस के साथ गठबंधन हो चुका है, लेकिन मामला सीटों की संख्या को लेकर थोड़ा फंसा है।

सरदेसाई 6 सीटें चाहते हैं, कांग्रेस 3 पर राजी है। कांग्रेस के एक सीनियर लीडर का कहना है कि गठबंधन पर लगभग सहमति बन गई है, लेकिन इसकी घोषणा अभी नहीं की जाएगी।

BJP के ही नेताओं को तोड़ रहे केजरीवाल : ग्राउंड पर अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस और TMC दोनों को ही पीछे कर दिया है।

गोवा के सीनियर जर्नलिस्ट किशोर नाइक गांवकर के मुताबिक, ‘आप’ पिछले तीन सालों से ग्राउंड पर काम कर रही है, जबकि कांग्रेस और TMC अभी सिर्फ प्रेस कॉन्फेंस में ही व्यस्त हैं।  इनका संगठन तक खड़ा नहीं हो सका है।

 

केजरीवाल की दूसरी रणनीति BJP के नाराज नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल करने की है और वो इसमें कामयाब भी होते दिख रहे हैं।

गणपत गांवकर समेत तमाम BJP के नेता आप का दामन थाम चुके हैं और अगले 15 दिनों में और भी कई बड़े नेता आप ज्वॉइन करने वाले हैं।

कांग्रेस में निर्णय ही नहीं हो पा रहे : वहीं कांगेस अभी तक अपने केडिडेट्स भी तय नहीं कर पाई है। इसलिए ग्राउंड पर किसी ने काम भी शुरू नहीं किया।

वहीं TMC को लोकल लीडर्स की तलाश है, लेकिन उसमें वो अभी तक कामयाब होते नहीं दिख रही।

पार्टी में कुछ इक्का-दुक्का बड़े नेता जरूर शामिल हुए हैं, लेकिन इनमें अभी ऐसा कोई भी नहीं है जिसके सहारे वे चुनाव लड़ सकें।

केजरीवाल ने गोवा माइनिंग पीपुल्स फ्रंट (GMPF) के प्रेसीडेंट पुति गांवकर को पार्टी में शामिल कर लिया है, और उन्हें गोवा CM प्रमोद सावंत के खिलाफ लड़ाने का ऐलान भी कर दिया है।

ऐसे में केजरीवाल गोवा में ममता और कांग्रेस दोनों से ही आगे दिख रहे हैं।

CM फेस अनाउंस किए बिना जीतना मुश्किल : गांवकर कहते हैं, BJP के पास प्रमोद सावंत हैं। उनकी टक्कर में अभी कांग्रेस, TMC और आप के पास कोई चेहरा नहीं है।

प्रशांत किशोर कह चुके हैं कि TMC चुनाव के पहले CM फेस अनाउंस करेगी।

आम आदमी पार्टी का कल्चर भी ये है कि वे चुनाव के पहले CM फेस अनाउंस करते हैं। ये कल्चर कांग्रेस में नहीं है, लेकिन अब जनता चुनाव के पहले अपने नेता का नाम जानना चाहती है।

ऐसे में बिना चेहरे के लड़ना कांग्रेस के लिए ज्यादा घातक हो सकता है।

कांग्रेस के पास सबसे बड़ा चेहरा दिगंबर कामत ही हैं, लेकिन वे सावंत के बराबर लोकप्रिय नहीं माने जाते। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि गोवा में इस बार BJP को सबसे बड़ी चुनौती आप से ही मिलने वाली है।

ममता बनर्जी की विजिट के दौरान TMC को थोड़ी हाइप जरूर मिली थी, लेकिन उनके जाते ही सब खत्म हो गई। उनके साथ अभी लोकल की कोई पार्टी भी नहीं।

वहीं कांग्रेस में निर्णय न होना ही उसके लिए घातक साबित होता दिख रहा है।

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