Sunday, July 3, 2022
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मीडियानीति

मीडियाभाषा…निकहत या निक्हत लिखते तो सही होता ये निखत क्या है ?

शब्दों का सफर के लेखक अजित वडनेरकर का मीडियाभाषा को बताता एक जरुरी लेख, सभी पत्रकारों को पढ़ना चाहिए ▪️एकबार फिर पत्रकारिता के अनपढ़ विद्वानों ने धूमधाम से अपना ब्रह्माण्डव्यापी अज्ञान प्रदर्शित किया। निज़ामाबाद की...

खबर के सौदागर- नफरत की सुपारी पर ‘समृद्ध’ मीडिया !

   मध्य प्रदेश के खरगोन में जब साम्प्रदायिक तनाव की घटना होती है, प्रमुख क्षेत्रीय समाचार पत्र भी राष्ट्रीय चैनलों से पीछे नहीं रहते। वे सत्तारूढ़ दल को खुश करने और अपनी प्रसार संख्या बढ़ाने...

ट्विटर के डर -समाचार और विचार के एकाधिकार पर निगरानी

  सुनील कुमार (वरिष्ठ पत्रकार ) दुनिया के एक सबसे बड़े कारोबारी एलन मस्क के ट्विटर खरीदने के बाद अब इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को इस्तेमाल करने वाले लोगों और आजादी के हिमायती, लोकतंत्र की फिक्र...

मीडियानीति-कौन कहता है अच्छी खबरें नहीं बिकती, हिंसा, साम्प्रदायिकता से अलग सोचिये !

  नकारात्मक खबरों के दौर में उत्तराखंड के एक शहर से आई यह खबर एक राहत की बात है जहां बेटियां अपने बाप की इच्छा पूरी करने के लिए सवा करोड़ की जमीन मुस्लिम समाज...

प्रेस स्वतंत्रता दिवस … कड़वा सच

  स्वतंत्रता प्रेस की प्राथमिकता नहीं रही। पेड न्यूज, फैक न्यूज, एडवरटोरियल, इम्पैक्ट विज्ञापन, पैकेज, डिजिटल समाचार जैसे कई अवतार पैदा हो गए. वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम डे के अवसर पर पढ़ें 'पत्रिका' समूह के प्रधान...