Tuesday 22 Oct 2019 / 1:59 PM

श्रेणी: ब्लॉग

शुक्र है वीसी ने रोमिला थापर से ए फॉर एप्पल नहीं पूछा !

रवीश कुमार ये हमारा नहीं आईने का दस्तूर है. दर्पण में वीसी सीवी ही नज़र आएगा. तभी वीसी को ख़्याल आया होगा. बग़ैर सीवी के वीसी बनना तो ठीक है लेकिन हमारी बादशाहत में उनकी सीवी कैसी होगी जि

काश, नारा होता – मोदी है, तो ‘नामुमकिन है…’

प्रियदर्शन (वरिष्ठ संपादक NDTV इंडिया) झारखंड के सरायकेला में वह कौन सी भीड़ थी, जो तबरेज़ नाम के शख़्स को पोल से बांधकर घंटों मारती रही...? क्या इस भीड़ को हम भारतीय लोकतंत्र का हिस्सा मान स

बच्चों की मौत पर आप क्यों नहीं पसीजते मुख्यमंत्री नीतीश जी?

रविशंकर उपाध्याय  ((वरिष्ठ पत्रकार, बिहार )

आखिर संवेदनशील कहे जाने वाले सीएम नीतीश कुमार बच्चों की मौत पर तुरंत क्यों नहीं संज्ञान लेते हैं? छपरा का

वाकई 56 इंची होता तो काफिले की तलाशी पर इनाम देते सजा नहीं !

पीएम के काफिले की तलाशी में बुराई क्या थी जो  आयोग ने निलंबित कर दिया? ओडिशा के चुनावी दौरे पर गए हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के काफिले की तलाशी लेने की कोशिश करने वाले, कर्नाटक के ए

आडवाणी ने मोदी को राजनीतिक दुश्मनी वाला बताया, पढ़िए पूरा ब्लॉग

बीजेपी के संस्थापक सदस्यों में से एक लालकृष्ण आडवाणी ने पार्टी के स्थापना दिवस से पहले ब्लॉग लिख अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा है कि जो हमसे असहमत है, हमने उन्हें कभी राष्ट्र विरोधी नहीं मान