Sunday 22 Sep 2019 / 5:50 AM

एक था राजा, अब एक गंदी मछली !

  • Bypoliticswala.com
  • Publish Date: 07-09-2019 / 12:32 पूर्वाह्न
  • Update Date: 07-09-2019 / 12:32 पूर्वाह्न

इंदौर । राजनीति में कहावतें बड़े काम आती है। बिना किसी के नाम लिए ये उस पर चिपक जाती है, जिसके लिए कही गई हो। ग्वालियर के जयविलास पैलेस के गेट पर लगे एक होर्डिंग ने साबित किया क़ि कहावत राजा है। इस होर्डिंग में लिखा है-एक मछली सारे तालाब को गन्दा कर रही है, सरकार में हस्तक्षेप कर रही है। इसमें दिग्विजय सिंह का कहीं नाम नहीं है, पर साफ़ है ये उनके लिए ही लिखा गया है। मंत्री उमंग सिंघार ने दिग्विजय सिंह पर सरकार में हस्तक्षेप के आरोप लगाए हैं। ये होर्डिंग उसी से जुड़ा हुआ है। इसने एक बार फिर से कांग्रेस में बवाल मचा दिया है। इसपर पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से प्रदेश में हस्तक्षेप करने के अनुरोध करने के साथ लिखा है कि एक मछली पूरे तालाब को गंदा कर रही है और प्रदेश सरकार में हस्तक्षेप कर रही है। इसके साथ ही ग्वालियर के प्रभारी मंत्री उमंग सिंघार के सवालों का समाधान करने का आग्रह भी पार्टी हाईकमान से किया गया है।बगैर किसी का नाम लिए होर्डिंग का इशारा साफ है। उल्लेखनीय है कि मंत्री उमंग सिंघार ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर आरोप लगाया था कि वह कमलनाथ सरकार में हस्तक्षेप कर रहे हैं। होर्डिंग लगाने वाले शहर जिला कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता राजकुमार शर्मा का कहना है कि 15 साल से कांग्रेस का कार्यकर्ता प्रदेश में संघर्ष कर रहा है और कई बार जेल भी गया है इसलिए कार्यकर्ताओं की बात को सुनना चाहिए।

पीसीसी अध्यक्ष पद को लेकर उपजे विवाद पर विराम लगाने के लिए कांग्रेस नेतृत्व कंट्रोल करने का प्रयास कर रहा है। पीसीसी अध्यक्ष को लेकर सार्वजनिक रूप से बयानबाजी करने पर अनुशासन की तलवार लटकाकर पाबंदी लगा दी गई है। इसी बीच महल के गेट पर जीडीए के पूर्व संचालक राजकुमार शर्मा के नाम से लगाया गया होर्डिंग सुर्खियों में आ गया है। अब इस होर्डिंग से कांग्रेस में हंगामा मच गया है।

होर्डिंग के संबंध में राजकुमार शर्मा का कहना है कि इसमें किसी का नाम नहीं है। यह उसी तरह की कहावत है जैसे चोर की दाढ़ी में तिनका। कहावत का जिसको जो आशय निकालना है, निकाले। उनका कहना है कि जब विधायक व मंत्री परेशान हैं तो कार्यकर्ताओं का क्या हाल होगा। 15 साल तक पार्टी का झंडा उठाने वाले कार्यकर्ता की सुनी नहीं जा रही है। यह बात पार्टी हाईकमान को समझना चाहिए।